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7 वर्ष पहले
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दैनिक भास्कर

आशा आर्केड, अनीसाबाद, पटना। आप हमें featuredesk.patna@dbcorp.in

परई-मेल भी कर सकते हैं।

पुलिस सुरक्षा देने के बजाय धमकाने लगती है

Áवाराणसीमें हमलोग अपनी गाड़ी से विश्वनाथ मंदिर में पूजा करने के लिए जा रहे थे और रास्ता भटक गए, फिर हम पुलिस से सही रास्ते की जानकारी लेना चाहे। पुलिस ने गाड़ी का कागज दिखाने को कहा। जब हम गाड़ी का कागज दिखा रहे थे, तभी वह पुलिसवाला गाड़ी का कागज लेकर तेजी से भागने लगा। बेवजह ही डराने धमकाने की कोशिश करने लगा। फिर जब हम लोगों ने उस सिपाही को डांटना शुरू किया, तो भीड़ जुटने लगी। तब उस पुलिसवाले की हालत खराब हो गई। मंै सभी से पूछना चाहती हूं कि लोग जब सही भी होते हैं, फिर भी पुलिस से क्यों डरते हैं? क्यों नहीं प्रतिकार करते?

-किरण सिंह, पटना।

रूसीतरीका अपनाएंं

Áकालेधन के संकट से जूझता भारत अगर रूस की तरह पहल करे, तो विदेशों में जमा कालाधन वापस ला सकता है। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति ने अपने देशवासियों से अपील की है कि विदेश से कालाधन वापस लाने वालों को माफी दे दी जाएगी। उन्हे तो टैक्स देना होगा और ही दूसरी कोई पैनल्टी। मतलब साफ है -कालाधन वापस लाओ और टैक्स तथा दंड से माफी पाओ। अगर इस कदम पर भारत सरकार भी काम करे, तो कालाधन वापस सकती है।

-आलोक पाठक, पीयू,पटना।

शिक्षामें सुधार हो

Áमैट्रिक और इंटर की परीक्षा में इस बार विशेष सतर्कता रखने की जरूरत है। वैशाली में हर बार इस मामले में ढिलाई बरती जाती है। इससे शिक्षा का स्तर गिरता है। बोर्ड को चाहिए कि वह हर परीक्षा केंद्र पर पुलिसवालों की विशेष नियुक्ति करे, ताकि परीक्षा स्वच्छ तरीके से हो सके।

-रोशन कुमार, कोठिया,समस्तीपुर।

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