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आपत्तिजनक टिप्पणियों से बुद्धिजीवी भी अछूते नहीं

7 वर्ष पहले
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आपत्तिजनकटिप्पणियोंका चलन राजनीति ही नहीं, बल्कि साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय बुद्धिजीवियों के बीच भी बढ़ा है। राजनीतिक अप-संस्कृति पर तो बुद्धिजीवी नसीहत देते रहते हैं पर यदि बुद्धिजीवियों की जुबान ही बेकाबू हो जाए तो क्या हो!

उधर, सोशल साइंटिस्ट आशीष नंदी ने भी कमजोर वर्ग के लोगों के खिलाफ अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए 24 नवंबर 2014 को सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगे उन्होंने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 2013 में कहा था सत्ता प्राप्ति के बाद पिछड़े, दलित और आदिवासी अन्य की अपेक्षा अधिक भ्रष्ट हो जाते हैं। अब यह मांग उठ रही है कि पॉलिटिकल साइंटिस्ट कांचा इलैया भी पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर पर अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए माफी मांग ही लें।

एक कमजोर वर्ग के नेता कर्पूरी ठाकुर के खिलाफ दूसरे कमजोर वर्ग के बुद्धिजीवी कांचा ने ऐसा क्यों किया? बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति प्रो.जाबिर हुसैन सहित दिवंगत ठाकुर के कई प्रशंसक कांचा से नाराज हैं। 15 फरवरी 2013 को मीडिया से बातचीत में कांचा इलैया ने कहा था कि ‘लगभग निरक्षर हज्जाम कर्पूरी ठाकुर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए थे।’ वे कह रहे थे कि पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों में से 10 प्रतिशत लोग भी यदि अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण कर लें तो भारत बदल जाएगा।’ संभवतः उन्हें आश्चर्य था कि अंग्रेजी जाने बगैर ठाकुर कैसे ऊंचे पद तक पहुंच गए! इसीलिए उन्होंने अंग्रेजी हटवा दी थी जबकि ठाकुर सिर्फ अंग्रेजी समझ सकते थे बल्कि अच्छी अंग्रेजी लिखते थे। उन्होंने अंग्रेजी राज में इंटर पास किया था।

कर्पूरी ठाकुर 1967 में जब बिहार के शिक्षा मंत्री थे तो उन्होंने अपने नेता डॉ.राम मनोहर लोहिया के निर्देश पर मैट्रिक स्तर पर अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। उसके बाद लोगों के बीच अंग्रेजी को लेकर कर्पूरी ठाकुर की छवि गलत ढंग से पेश की गई। कांचा इलैया भी उसी के शिकार हैं। यह सही नहीं है कि ठाकुर ने बिहार में अंग्रेजी की पढ़ाई ही खत्म करा दी थी, बल्कि उन्होंने मैट्रिक पास करने के लिए अंग्रेजी की सिर्फ अनिवार्यता खत्म की थी। अस्सी के दशक में पश्चिम बंगाल की ज्योति बसु सरकार ने भी स्कूली शिक्षा में अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त की थी।

डॉ.लोहिया का तर्क था कि अंग्रेजी की अनिवार्यता के कारण ग्रामीण पृष्ठभूमि के अनेक विद्यार्