नगर आयुक्त को सस्पेंड करने की सिफारिश
नगरविकास विभाग ने पटना नगर निगम के आयुक्त कुलदीप नारायण को सस्पेंड करने की अनुशंसा की है। नगर विकास विभाग ने कारण बताओ नोटिस पर निगमायुक्त के जवाब को असंतोषजनक करार देते हुए सामान्य प्रशासन विभाग से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि 11 नवम्बर को निगमायुक्त को नोटिस जारी कर पांच बिन्दुओं पर जवाब मांगा गया था। अपने जवाब में निगमायुक्त ने निगम के गतिरोध के पीछे वहां की राजनीति को दोषी ठहराया है।
साथ ही राशि खर्च नहीं करने की बात स्वीकार की है। इस बीच निगम को भंग करने की विभाग की अनुशंसा की फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय से लौट गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि निगम को भंग करने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाए। शेषपेज|10 पर
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इसीके बाद नगर विकास विभाग ने मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों को नोटिस जारी कर 12 दिसंबर तक पांच बिन्दुओं पर जवाब मांगा है। विभाग ने कहा कि जवाब असंतोषजनक होने पर निगम को बिहार नगरपालिका एक्ट 2007 की धारा 69 (1) और 69 (2) के तहत भंग करने की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग से निगम में पदस्थापित वरीय अधिकारियों के तबादले की अनुशंसा की है। तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के तबादले के लिए जल्द ही डायरेक्ट्रेट का गठन किया जाएगा।
निगमायुक्त के तबादले पर हाईकोर्ट ने लगा रखी है रोक : हाईकोर्ट ने राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे निगरानीवाद के निपटारे तक निगमायुक्त के तबादले पर रोक लगा रखी है। जिन मामले को सुनवाई पूरी हो चुकी है, उसका फैसला सुनाने के लिए 15 जनवरी की तारीख निर्धारित की है, जबकि बाकी मामलों में 15 फरवरी तक सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने का आदेश दिया गया है।
नगर विकास विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा प्रस्ताव
कुलदीप नारायण