कैमरे ने फिर दिया पुलिस को धोखा
जीपीओ गोलंबर पुल पर फायरिंग के बाद बाइक सवार दोनों अपराधी आर ब्लॉक गोलंबर से सचिवालय थाने के बाहर से होते हुए निकल गए थे। सचिवालय थाने के पास सीसीटीवी फुटेज में दोनों की तस्वीर कैद हुई है। यहां से आगे अपराधी किस तरफ भागे, इसका पता नहीं चला है। आगे का लोकेशन जानने में पुलिस जुटी है। जांच में पता चला कि दोनों अपराधी सबसे पहले राजेंद्रनगर पुल पर देखे गए थे।
एसएसपीने कहा स्केच बनवा रही पुलिस, सवाल है किसका बनाएंगे? एसएसपीजितेंद्र राणा ने सूचना दी है कि अपराधियों का स्केच बनाकर पुलिस जारी कर सकती है। लेकिन यहां गौर करने वाली बात है कि अपराधी हेलमेट पहने हुए थे। एक अपराधी के पीछे का हिस्सा ही सीसीटीवी में कैद हुआ है, जो हेलमेट नहीं पहने था। तो स्केच किसका बनाया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज|राजेंद्रनगर पुल और सचिवालय थाना के सामने तक दिखे अपराधी
पंडारक अंचल अधिकारी के ऑफिस में कार्यरत अमृतेश के चाचा चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि अमृतेश आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में पोस्टेड थे। नि:शक्त कोटे से उनकी नियुक्ति हुई थी। एक साल पहले ही वह पटना आए थे। पिता चंद्रभूषण सिंह ठेकेदारी करते थे। अब घर में ही रहते हैं। परिवार ने दावा किया कि अमृतेश के साथ किसी की दुश्मनी नहीं थी। वह बैंक से काम खत्म कर घर जाते थे। कोई विवाद घर में भी नहीं हुआ।
धुंधली आई है तस्वीर
पुलिसको इस मामले में कैमरे ने धोखा दे दिया है। सूत्रों की माने तो तस्वीरें धुंधली आईं हैं। कुछ भी साफ नहीं है। यहां तक कि अपराधी यामहा के ग्लेडियेटर पर थे या बजाज के पल्सर पर। यह भी पुलिस फर्क नहीं कर पा रही है। ऐसे में स्कैच बनाने की बात बेमानी लग रही है।
ऑफिससे घर तक जुड़े तार : पुलिसअमृतेश की हत्या को ऑफिस से लेकर घर तक के विवाद से जुड़ा मामला मान रही है। पुलिस ने बैंक मैनेजर सहित अन्य कर्मियों से बात की है। किसी ने अमृतेश से विवाद की सूचना नहीं दी है। घर में मातम का माहौल का है, इसलिए पुलिस घरवालों से अभी पूछताछ नहीं की है। हालांकि अमृतेश के आने-जाने का समय, उसके दोस्तों, उसका इतिहास जानने में पुलिस जुट गई है। कुछ मोबाइल नंबरों की सीडीआर भी निकाली जा रही हैं, जो अमृतेश के करीबी हैं।
दिनदहाड़े जीपीओ गोलंबर पुल पर फायरिंग और हत्या से पटना पुलिस हिल गई है। शाम होते-होते सभी थानाध्यक्षों और डीएसपी के साथ एसएसपी जितेंद्र