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65 के बाद होती है अल्जाइमर्स डिमेंशिया की बीमारी
पटना. अल्जाइमर्सडिमेंशिया से पीड़ित मरीजों को दवा से अधिक सहानुभूति की जरूरत होती है। वैसे यह बीमारी अमूमन 65 साल के बाद होती है। इस बीमारी से मरीज को कोई भी चीज ठीक से याद नहीं रहती है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए कोई कारगर इलाज भी नहीं है। दवा है, जिससे बीमारी की गति धीमी की जाती है पर इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। यह कहना है न्यूरो फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार का। वे विश्व अल्जाइमर्स दिवस की पूर्व संध्या पर इसकी जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से लोगों को जागरूक करने के लिए 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर्स दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बीपी, शुगर, शराब का सेवन करने वाले अधिक होते हैं। इससे बचाव के लिए नियमित व्यायाम, बीपी और शुगर को नियंत्रित रखने की जरूरत होती है। दिल के मरीज को भी सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत है डिमेंशिया सपोर्ट ग्रुप स्थापित करने की। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए रिसर्च चल रहा है।