अगले सत्र से रूरल मैनेजमेंट
अगलेशैक्षणिक सत्र से मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में एलएसडब्ल्यू, रूरल एंड इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होगी।
मास्टर इन एजुकेशन, एमजेएमसी, एमसीए, एमएलआईसी तथा पारा मेडिकल कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। शनिवार को विवि की सातवीं सीनेट बैठक में कुलपति डॉ. एजाज अली अरशद ने ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि विवि में पीजी के आठ विभाग खुल चुके हैं। फिलहाल 20 से अधिक पारंपरिक आधुनिक कोर्स चल रहे हैं। कुलपति ने कहा कि विवि के भवन निर्माण के लिए सरकार ने 5.04 एकड़ जमीन दी है। भवन निर्माण जल्द शुरू होगा। सरकार ने इसके लिए रकम देने की बात कही है। अगर सीनेट के सदस्यों के बीच सहमति बनी तो देश विदेश के दीनी, मिल्ली और साहित्य से जुड़ी बड़ी शख्सियतों को बुलाकर शानदार समारोह किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि बिहार के जिन 118 मदरसों का परीक्षा लेने की जिम्मेवारी विवि पर है, उनमें सात-सात सहायक प्रोफेसर के पद सृजन के लिए प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
{सीनेट बैठक में कुलपति की घोषणा, एलएसडब्ल्यू की पढ़ाई भी होगी
बैठक में ये रहे मौजूद
कुलसचिवडॉ. चौधरी शर्फुद्दीन, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मो. आलमगीर, वित्त पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा, पद्मश्री प्रो. शरफे आलम, प्रो. शम्सुज्जोहा, पूर्व वीसी प्रो. शमशाद हुसैन, एमएलसी हारुन रशीद, मंजर आलम, इसराइल राइन, विधायक अब्दुल गफूर, इजहार अहमद, दाऊद अली, सरफराज आलम, रजिया खातून, फैज अकरम, एस अली मोहम्मद, गफ्फार सिद्दीकी, बिलट पासवान शास्त्री, श्रीप्रकाश चंद दुबे, तलहा रिजवी बर्क, प्रो. सुखदेव प्रसाद, डॉ. हसन उद्दीन हैदर, डॉ. मोनव्वर जहां, अरुण कुमार वर्मा, डॉ. नजीब अख्तर, अब्दुल कैयूम अंसारी, प्रो. एजाज आलम, शकील काकवी, डॉ. इनाम जफर, डॉ. सरवत जहां फातिमा, परवेजुर्रहमान, सईदा वारसी, शाह जावेदी आदि।
13 करोड़ का बजट
प्रतिकुलपतिप्रो. तौकीर आलम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए तेरह करोड़ इक्कीस लाख उन्तीस हजार दो सौ बीस रुपए का अनुमानित बजट पेश किया। इसे सीनेट के सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 से सरकार ने इस विवि को गैर योजना मद में शामिल कर लिया है। ऐसा होने से विवि को अनुदान मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने सीनेट में मौजूद एमएलए एमएलसी से कहा कि वे अपने कोष से विवि को वित्तीय सहायता दें। प्रतिकुलपति ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट पर समीक्षा रिपोर्ट भी पेश की।