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कॉरपोरेट घरानों की चल रही हुकूमत, पैसे का है बोलबाला

6 वर्ष पहले
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देशमें कॉरपोरेट घरानों की हुकूमत चल रही है। आज महज एक फीसदी लोग के पास 50 फीसदी से अधिक दौलत है। लोकतंत्र में वोट का राज होता है, लेकिन एेसा है नहीं। आज राजनीति में कुछ ऐसा हो रहा है कि ज्यादातर पैसेवाले ही लोकसभा और विधानसभा में पहुंच रहे हैं। चुनाव में पैसे और जाति का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। यह खतरनाक स्थिति है। ऐसे माहौल में फिर से मजबूत समाजवादी आंदोलन की जरूरत है।

यह कहना है पूर्व केंद्रीय मंत्री राजद के वरिष्ठ नेता डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का। वे रविवार को प्रो. विनोदानंद प्रसाद सिंह की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित संगोष्ठी में विचार रख रहे थे। संगोष्ठी का विषय था ‘लोकतंत्र की चुनौतियां एवं समाजवादी विकल्प’। इसमें एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. डीएम दिवाकर ने कहा कि आज शोषण के खिलाफ लड़ने वालों की तादाद बढ़ी है। एक साजिश के तहत भूमि अधिग्रहण नियमावली को ही बदल दिया गया।

इससे निपटने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है। प्रो. रामवचन राय ने कहा कि विनोदा बाबू सिद्धांतकार थे। समाजवाद के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। उन्होंने कॉरपोरेट घरानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं का बहिष्कार करने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व सहकारिता मंत्री रामदेव बाबू, विधायक शिवचंद्र राम, पूर्व विधायक शहाबुद्दीन साहब, डॉ. अख्तर हुसैन, उनकी पुत्री रेखा बावला, राजेश सिंह, मनोहर गुंजन आदि ने विचार रखे। संचालन रघुपति ने किया।

महाराष्ट्र से आए राष्ट्रीय सेवा दल के अध्यक्ष पन्नालाल सुराना ने कहा कि कॉरपोरेट पूरे समाज को सता रहा है, इसलिए लगाम लगाने की आवश्यकता है। गरीब चुनाव में भाग ले, इसके लिए चुनाव प्रणाली में सुधार होना चाहिए। वहीं डॉ. सुनीलम ने जल, जंगल और जमीन हो जनता के अधीन नारा दिया। इससे पहले प्रो विनोदानंद प्रसाद सिंह के कौटिल्य नगर स्थित घर पर आयोजित समारोह में उनके चित्र पर माल्यार्पण हुआ। आईएमए हॉल में समाजवादी समागम के दौरान उनके जीवन पर आधारित वृतचित्र का प्रदर्शन हुआ।

आईएमए हॉल में प्रो. विनोदानंद प्रसाद सिंह के स्मृति समारोह में बोलते डॉ. सुनिलम एवं कार्यक्रम में उपस्थित रघुपति, मो. शाबुद्धीन, रघुवंश प्रसाद सिंह पन्ना लाल सुुराना।