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गरीबों के इलाज के लिए कॉरपस फंड बनाना जरूरी

6 वर्ष पहले
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पटना|एसोसिएशन आॅफमुस्लिम डॉक्टर्स के सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि गरीब मरीजों के इलाज के लिए कॉरपस फंड बनाना जरूरी है। ताकि इमरजेंसी में जरूरतमंद मरीज का इलाज हो सके। इस फंड का इस्तेमाल गरीब मरीज के इलाज के लिए होना चाहिए। हज भवन में हुए कार्यक्रम में एसोसिएशन को यह सुझाव दिया गया। ग्लूकोमा के मरीजों के लिए अहमद वाल्ब की व्यवस्था कराने पर चर्चा हुई। इस को बनाने वाले बिहारी हैं और अमेरिका में रहते हैं। इस दौरान रेडियोलॉजी पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में डॉ. एए हई, आचार्य किशोर कुणाल, डॉ. जैनुल आबेदीन, डॉ. एमजी रई, डॉ. मंजूर आलम, डॉ. फकरुद्दीन मोहम्मद, डॉ. के आलम, डॉ. एसएन हुसैन मौजूद थे।

एसोसिएशन आॅफ मुस्लिम डॉक्टर्स का सम्मेलन

इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना निजामुद्दीन ने कहा कि इस्लाम में सूद लेना हराम है। रविवार को एसेसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स की ओर से मौलाना मजहरुल हक सभागार में बैंक सूद अौर मुस्लिम डॉक्टर्स विषय पर आयोजित व्याख्यान में वे बोल रहे थे। हजरत ने कहा कि अगर आपके पास सूद की रकम है या आती है तो उसे कल्याणकारी कार्यों में लगा दें। प्रो. अबुजर कमालुद्दीन ने कहा कि जहां तक संभव हो सके सूद की रकम का इस्तेमाल नहीं करें। मौजूदा आर्थिक नीति औद्योगिक क्रांति पुनर्जागरण का परिणाम है। बिना सूद बैंक अन्य वित्तीय संस्था स्थापित करने के लिए पूरी दुनिया में बात चल रही है। देश में भी इसकी शुरुआत हो चुकी है। हवार्ड विवि के फेलो अर्थविद शारिक निसार ने कहा कि शरिया बैंकिंग, बीमा, निवेश, बौंड, फंड का तेजी से फैलाव हो रहा है। भारत में भी दो-तीन निजी बीमा कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है।

मौलाना मजहरुल हक ऑडिटोरियम में हुए व्याख्यान में उपस्थित (बाएं से) डॉ. मुस्तफा, शारिक निसार, प्रो. अबुजर कमालुद्दीन और मौलाना निजामुद्दीन।