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24 घंटे निर्जला रहीं मां, ताकि सलामत रहे संतान
बेटे-बेटियोंकी लंबी आयु उनकी बेहतरी के लिए माताओं ने मंगलवार को जिऊतिया व्रत रखा और शाम में पूजा की। इस मौके पर जगह-जगह पर सामूहिक रूप से पूजा का आयोजन हुआ। खासतौर से अपार्टमेंट घरों में शाम में पूजा को लेकर भक्तिपूर्ण माहौल था।
इस मौके पर व्रत रखने वाली महिलाओं ने राजा जीऊतवाहन और चिल्हो-सियारो की कथा भी सुनी। इससे पहले दिन भर जिऊतिया गुथवाने के लिए बाजार में महिलाआें के बीच होड़ लगी रही। साथ ही फल पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में खासी चहल-पहल रही। बेउर बाजार, अनीसाबाद, बोरिंग रोड, राजा बाजार, अाशियाना नगर, रामनगरी, कंकड़बाग, बुद्धा कॉलोनी आदि मोहल्ले के बाजार में अच्छी भीड़ दिखी।
महंगाईका असर नहीं : सरिस्ताबादमें रहने वाली रेणू सिंह ने बताया कि इस बार जिऊतिया गुथवाने के लिए 20 रुपए देने पड़े, जबकि पिछले साल 15 रुपए में ही काम हो गया था। पूजन सामग्री का दाम, तो ज्यादा नहीं बढ़ा है पर फल का महंगा होना अखर गया। कंकड़बाग भोजपुर कॉलोनी की रूबी देवी ने कहा कि इस पर्व पर महंगाई का कोई असर नहीं होता। चीजें चाहे जितनी महंगी क्यों हो जाए, पूजा परंपरागत तरीके से ही होती है। खाजपुरा के नंदनुपरी की ममता शर्मा ने कहा कि मौसम बढ़िया है, इसलिए व्रत के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं हुई। बाजार में भीड़ ज्यादा थी, इसलिए थोड़ी परेशानी हुई। रामनगरी की सविता झा ने कहा कि हर मां सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखती है और अपनी संतान की सलामती के लिए पूजा करती है।
जिऊतिया के मौके पर मंगलवार को कलेेक्ट्रिएट घाट पर कथा सुनतीं महिलाएं।