सरगना 14 साल बाद पटना में गिरफ्तार
जहानाबादके परसबिगहा में वर्ष 1980 में हुए नरसंहार के सरगना विनय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पटना पुलिस ने उसे शास्त्रीनगर में नारायण सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 104 से गुरुवार को दबोचा। यह फ्लैट विनय के पुत्र गौरव सिंह का है। विनय यहां पिछले तीन-चार माह से रह रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए परिजनों ने विनय का दाह संस्कार से लेकर श्राद्ध तक कर दिया था। नरसंहार के चंद दिनों बाद ही पुलिस ने विनय को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2000 में किसी परिजन की मौत होने के बाद उसे पे रोल पर छोड़ा गया था। उसके बाद से वह फरार था। शेषपेज|10 पर
जिंदाथा पर कर दिया था श्राद्ध पेज-07
सरगना14 साल...
दरअसल,23 फरवरी 1980 को हथियारबंद लोगों ने परसबिगहा गांव पर हमला बोल दिया था। गांव में चारों ओर से आगजनी के बीच गोलियों की बौछार की गई थी। इसमें 36 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि आधिकारिक तौर पर 18 के मारे जाने और 18 के घायल होने की पुष्टि की गई थी। आगजनी में भारी संख्या में जानवरों की भी मौत हुई थी।
विनय को पुलिस के आने की भनक लग गई तो वह कपड़ों के बीच छिप गया। पुलिस बाथरूम से लेकर शौचालय अन्य हिस्सों को खंगाल डाला। लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चला। इतने में एक पुलिसकर्मी की नजर कपड़ों पर पड़ी जो हिल रहा था। विनय उसी के अंदर था।