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पानी की समस्या से जूझ रहा है राज्य का हृदय रोग संस्थान, मरीज और परिजनों को हो रही है परेशानी
राज्यका इकलौता दिल के मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल इंदिरागांधी हृदय रोग संस्थान पानी की समस्या से जूझ रहा है। संस्थान के पास तीन बोरिंग है पर तीनों बोरिंग खराब है। यहां प्रतिदिन आने वाले मरीज और परिजनों की संख्या एक हजार से अधिक है। संस्थान में स्थाई तौर पर यहां करीब 160 बेड है। इसके अलावा यहां ओपीडी में नियमित 200 से 300 सौ दिल के मरीज आते हैं। संस्थान सूत्रों के मुताबिक बोरिंग करीब तीन साल से खराब है।
विभाग को जानकारी भी दी गई पर कोई कदम नहीं उठाया गया। फिलहाल संस्थान निर्माणाधीन भवन की बोरिंग से यहां पानी की सप्लाई की जाती है। उसी से काम चलाया जा रहा है। पर अब आए दिन समस्या बढ़ गई है। अक्सर पानी की किल्लत हो जा रही है। पानी खत्म होने पर अफरा-तफरी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। किसी तरह से फिर किसी भेजकर निमार्णाधीन भवन का मोटर चलवाया जाता है। अस्पताल सूत्रों की माने तो बोरिंग के लिए विभाग से एस्टीमेट लिया गया था। विभाग ने सिर्फ सात लाख रुपए का खर्च बताया था पर अभी तक रुपए मिले बोरिंग ठीक हुआ।
संस्थान के प्रभारी निदेशक डॉ. हरेन्द्र कुमार का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। फिलहाल निर्माणाधीन भवन के बोरिंग से पानी का काम चल रहा है।