निगम के पदाधिकारी हुए
आईएएस गोलबंद, बासा आज करेगा फैसला
नगर िनगम के अफसरों ने शनिवार को बैठक कर बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (बासा) से अपील की है कि निलंबित नगर आयुक्त कुलदीप नारायण के पक्ष में खड़े हों। ठीक उसी तरह जैसे आईएएस एसोसिएशन गोलबंद हो चुका है। बासा के महासचिव सुशील कुमार ने बताया कि रविवार को संघ की बैठक होगी। जिसमें इस मुद्दे पर फैसला होगा।
इससे पहले अपर नगर आयुक्त सीता चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को निगम पदाधिकारियों ने बैठक की। इसमें चार प्रस्ताव पारित किए गए और उनसे बासा को अवगत कराया गया। कहा गया कि बासा अपने स्तर से सरकार से अनुरोध करे कि निलंबन के आदेश पर फिर से विचार करे। कुलदीप नारायण को निलंबन से मुक्त किया जाए। उनके निलंबन के विरोध में भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा जो निर्णय लिया गया है्र, उसका समर्थन करने के लिए संघ से अनुरोध किया गया है। संघ से यह भी कहा गया है कि 13 अक्टूबर 2014 को पारित प्रस्ताव के आलोक में प्रमंडल आयुक्त के यहां चल रही जांच प्रक्रिया को अपने स्तर से शीघ्र पूरा करवाने का प्रयास किया जाए। बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रभु राम, विशेष कार्य पदाधिकारी शैलेश चंद्र दिवाकर, उप नगर आयुक्त राजीव रंजन, विधि पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद और चारों अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी आदि मौजूद थे।
निगमके अभियंता दहशत में : बेसा
बिहारअभियंत्रण सेवा संघ ( बेसा ) ने कहा है कि पटना नगर निगम के अभियंता दहशत में हैं। बेसा के महासचिव अमरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि निगम में स्वीकृत पदों के विरुद्ध 10 फीसदी अभियंता ही काम कर रहे हैं। ऐसे में वे एक तरफ काम के दबाव में हैं तो दूसरी तरफ बिल्डर माफियाओं पर कार्रवाई करने के कारण दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी कार्य विभागों और निगमों में स्वीकृत पदों को शीघ्र भरा जाए। अभियंताओं के साथ आपराधिक घटना होने पर सीधे संबंधित डीएम को जिम्मेवार बनाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो संघर्ष होगा।
अबतो जनवरी में ही नवंबर की पेमेंट
नगरआयुक्त के गोपनीय कोषांग में कर्मचारियों के बीच चर्चा चल रही थी। नवंबर का वेतन मिलने वाला था। नगर आयुक्त निलंबित हो गए। अब तो लगता है कि नवंबर की पेमेंट जनवरी में ही मिलेगी। कुलदीप नारायण आए थे तो पेमेंट भी समय पर मिलने लगा था।
^सरकार ने भूमाफियाओं और अवैध बिल्डरों के दबाव में ईमानदार आईए