विस की तीन समितियों में नए सभापति
विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदन की तीन समितियों के नए सभापति का मनोनयन किया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा को विधानसभा की तीन वित्तीय समितियों में प्राक्कलन समिति के सभापति की कुर्सी मिली है। समिति में पूर्व मंत्री जदयू विधायक हरिनारायण सिंह की जगह पूर्व मंत्री भाजपा विधायक चंद्रमोहन राय नए सभापति मनोनीत किए गए हैं। हरिनारायण सिंह आश्वासन समिति के सभापति बने हैं। भाजपा विधायक विनोद नारायण झा शून्यकाल समिति के नए सभापति बनाए गए हैं।
विधानसभा सचिवालय ने तीन समितियों के नए सभापति मनोनीत किए जाने संंबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार भाजपा के विजय कुमार मिश्र के विस से इस्तीफा के बाद प्राक्कलन समिति के हरिनारायण सिंह नए सभापति बनाए गए थे। लेशी सिंह के मंत्री बनने के बाद आश्वासन समिति के सभापति का पद खाली था। भाजपा विधायक अवनीश कुमार सिंह के विस की सदस्यता छोड़ने के बाद शून्यकाल समिति के सभापति की कुर्सी खाली थी। फिलहाल, लोक लेखा समिति के राजद के ललित कुमार यादव और प्राक्कलन समिति के जदयू के इजहार अहमद सभापति हैं।
विधानसभा की कुल 20 समितियों में तीन-नियम, विशेषाधिकार और सामान्य प्रयोजन के विधानसभाध्यक्ष पदेन सभापति हैं। 14 सदस्यों संख्या के आधार पर समिति के सभापति की एक कुर्सी सुलभ कराने की व्यवस्था के आलोक में भाजपा के 88 सदस्यों के बूते उसके खाते में सभापति के छह पद बनते हैं, जबकि उसके सात सदस्यों को सभापति के पद मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार सदन समितियाें का कार्यकाल एक वित्तीय वर्ष के लिए होता है। विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने शनिवार को विधानसभाध्यक्ष से मिलकर भाजपा के खाते में लोक लेखा समिति के सभापति की कुर्सी की दावेदारी की है। विधानसभाध्यक्ष ने विचार करने का आश्वासन दिया है। मालूम हो कि राजद का मौजूदा जदयू सरकार को बाहर से समर्थन प्राप्त है। देश के संसदीय लोकतंत्र में 1967 में लोक लेखा समिति के सभापति का पद विपक्ष के खाते में तब स्वतंत्र पार्टी को मिली थी। राज्यों में भी यह परंपरा शुरू हुई। विधानसभा सचिवालय ने अध्ययन कर पाया है कि लोक लेखा समिति के सभापति का पद विपक्ष के खाते में विभिन्न दलों को क्रमवार दिया जाता रहा है। सदानंद सिंह के अध्यक्षकाल में माकपा के रामदेव वर्मा 2000-5 तक लोक लेखा समिति के सभापति रहे थे।
हरि नारायण सि