नागरिक परिषद का पटना में बनेगा भवन
राजधानी पटना में नागरिक परिषद का अपना भवन होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है। शनिवार को बिहार राज्य नागरिक परिषद की बैठक हुई, जिसमें परिषद के कार्यकलाप को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला थाना स्तर पर परिषद की कमेटी का शीघ्र गठन होगा। साथ ही इसमें स्थानीय लोगों से सहयोग और संवाद बढ़ाने पर भी काम होगा। प्राकृतिक आपदा में परिषद के और सक्रिय भूमिका निभाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। आपदा से बचाव और पूर्व की तैयारियों के साथ-साथ सरकारी तंत्रों आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय निभाने में भी परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। बैठक में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, वरीय उपाध्यक्ष भोला सिंह, अनिल पाठक, कन्हैया भेलारी, छोटू सिंह, रामचरित्र प्रसाद, सुनील कुमार के अलावा सभी विभागों के प्रधान सचिव सचिव मौजूद थे।
उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदाें पर बहाली जल्द
पटना. मुख्यमंत्रीसे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एमएए सिद्दिकी ने मुलाकात की। उन्होंने मुसलमानों के तालिमी अदारों के मसलों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान मौलाना मजहरूल हक अरबी, फारसी विश्वविद्यालय के लिये जमीन उपलब्ध कराने, मदरसा तालीम पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अकलियतों की समस्याओं के निदान के लिए हर संभव कदम उठा रही है। दिसंबर तक उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर बहाली कर ली जाएगी। मदरसों के शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। जो मदरसे वितरहित की श्रेणी में हैं, उनके लिए भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। अल्पसंख्यक समाज को शिक्षित करने के लिए तालिमी मरकज खोले गए हैं। हुनर कार्यक्रम चलाकर उन्हें कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मौके पर प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, आरके महाजन और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एए हई भी मौजूद थे।