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पहले 2242 सड़कों का मेंटेनेंस, फिर ठेकेदारों को मिलेगा काम
ग्रामीण सड़कों के मेंटेनेंस में ठेकेदार कोताही बरत रहे हैं। प्रावधान के मुताबिक सड़क बनाने वाले ठेकेदार को ही 5 साल तक सड़क की मरम्मत कर उसे मोटरेबुल रखना है। पर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत राज्य में बनी सड़कों के मेंटेनेंस की अनदेखी की जा रही है। इन सड़कों की देखरेख करने वाली राज्य सरकार की एजेंसी बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण (ब्राडा) ने इसे गंभीरता से लिया है।
ब्राडा ने अधिकारियों को तीन माह के अंदर ऐसी 2242 सड़कों की मरम्मत कर दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। ब्राडा के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि अगर ठेकेदार ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें डीबार किया जाएगा। साथ ही ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचने वाले अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जांच में पता चला कि 5 साल तक 4292 सड़कों की मेंटेनेंस पर 115 करोड़ खर्च किए जाने हैं, पर अभी तक मात्र 2050 सड़कों की मेंटेनेंस पर 37 करोड़ ही खर्च हुए हैं।
इधर, प्रधान सचिव ने की समीक्षा बैठक
पटना. स्टेटहाइवे और जिलों की मुख्य सड़कों (एमडीआर) की मेंटेनेंस शुरू करने को लेकर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव और अभियंता प्रमुख ने शनिवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। पथ निर्माण मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सभी 38 जिलों के डीएम और पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि मेंटेनेंस कार्य 15 दिसंबर से शुरू कर दिया जाए। मेंटेनेंस में कोताही बरती जाए।