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राजगीर-दानापुर ट्रेन से पूर्व सांसद के बेटे की हुई थी मौत
मुंगेर के पूर्व सांसद धनराज सिंह के पुत्र अमरेंद्र कुमार की मौत राजगीर-दानापुर सवारी गाड़ी से हुई थी। हालांकि घटना के चार दिन बाद भी इस बात को लेकर सस्पेंस बरकरार है कि मंगलवार की देर रात उनके साथ क्या हुआ। घटना की रात पटना से दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों को खंगालने के बाद शनिवार को पता चला कि राजगीर-दानापुर पैसेंजर से उनकी जान गई। इस ट्रेन के इंजन पर पर खून के धब्बे पाए जाने के बाद रेल पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाया। टीम ने खून के नमूने लिए हैं। बुधवार की सुबह फुलवारीशरीफ गुमटी से लगभग दो सौ मीटर पश्चिम की ओर अमरेंद्र की क्षत-विक्षत लाश बरामद की गई थी। उनका मोबाइल, चश्मा अन्य चीजें नहीं मिली थीं।
रेलडीआईजी, रेल एसपी आईओ बयान लेने पहुंचे पूर्व सांसद के घर : शनिवारको रेल डीआईजी मंजू झा, रेल एसपी प्रकाश नाथ मिश्र और इस केस के आईओ जीआरपी थानेदार संजय पांडेय पुनाईचक, मोहनपुर स्थित पूर्व सांसद के घर पहुंचे। इस दौरान बारी-बारी से धनराज सिंह, उनकी प|ी राजमणि, अमरेंद्र की प|ी गीता सिंह और अमरेंद्र की बड़ी बेटी का बयान लिया। पुलिस अधिकारी उनके घर पर लगभग दो घंटे रहे। सभी ने कहा कि उन्हें किसी पर शक नहीं है, लेकिन पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे। प|ी मां ने रेल पुलिस के सामने हत्या की आशंका नहीं जताई लेकिन बुधवार को दोनों ने कहा था कि अमरेंद्र की हत्या हुई है। सवाल यह है कि मीडिया को बुधवार को दिए गए बयान पर सास-बहू क्यों नहीं कायम रहीं? आईओ ने अमरेंद्र के ससुर रिटायर्ड डीआईजी विमलेश सिंह के घर जाकर उनसे घटना के बारे में पूछताछ की। विमलेन ने कहा कि पुलिस को गहराई से जांच करनी चाहिए।
कई से अपनी परेशानी की बात कही थी अमरेंद्र ने
अमरेंद्रके दोनों मोबाइल के कॉल डिटेल रिकार्ड निकालकर जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अब तक की जांच में पता चला है कि अमरेंद्र ने घटना से पहले कइयों को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने किससे क्या कहा था, इस पर कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस जल्द ही अमरेंद्र की मौत का खुलासा कर देगी।