बस मालिकों को देना होगा मासिक रिटर्न
बसपरिचालन को व्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। अब बस मालिकों को परिवहन का मासिक रिटर्न देना होगा। यह निर्णय शुक्रवार को हुई राज्य परिवहन प्राधिकार की बैठक में लिया गया।
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश ने बताया कि अभी बसों का परिचालन पूर्णरूप से व्यवस्थित नहीं है। एक बस के परमिट पर कई बसों का परिचालन लोग कर रहे हैं। यह भी देखने में आया है कि बस का परमिट लेने के बाद उसका परिचालन नहीं किया जा रहा। लेकिन रिटर्न दाखिल करने पर यह पता चल जाएगा कि परमिट वाले बसों का परिचालन किया जा रहा है या नहीं। विभाग इसका क्राॅस चेक कर सकता है। उन्होंने बताया कि बस मालिकों को रिटर्न मासिक आधार पर आॅनलाइन दाखिल करना होगा। प्राधिकार की बैठक में अंतरराज्यीय परमिट संबंधित कुल 132 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें में से 102 आवेदन परमिट संबंधी थे। प्राधिकार ने 52 आवेदनों को स्वीकृति दी। 7 को अस्वीकृत, 26 को स्थगित और 12 आवेदन को वापस कर दिया गया। परमिट नवीनीकरण के 22 और मार्ग विस्तार के 2 आवेदन प्राप्त हुए और सभी आवेदन को स्वीकृति दी गई। बैठक की अध्यक्षता मेंबर राजस्व बोर्ड एके चौहान ने की। बैठक में विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश, प्राधिकार के सदस्य दिलीप कुमार सिंह, गीता कुमारी और राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी उपस्थित थे।