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विधायक अंदर, बाहर पुलिस का पहरा

6 वर्ष पहले
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पल-पल बदलते घटनाक्रम के बीच शनिवार को सत्ता के गलियारों का माहौल पूरी तरह बदल गया। सामान्य दिनों में होने वाली वीआईपी गाड़ियों की आवाजाही के बदले चारों तरफ पुलिस की गाड़ियां दौड़ रही थीं। शाम छह बजे विधानसभा की एनेक्सी में जदयू के विधायकों की बैठक हो रही थी, तो बाहर गेट उसके आसपास के इलाके में चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बज्र वाहन, दमकल अतिरिक्त बल तैनात थे। सचिवालय थाने में डीएम अभय कुमार सिंह, एसएसपी जितेंद्र राणा, सचिवालय डीएसपी शिबली नोमानी के साथ ही अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसर कैम्प करते दिखे।

राजनीति के बदलते करवट के साथ आला अफसरों की लोकेशन भी बार-बार बदलती रही। दोपहर में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बंगले (7, सर्कुलर रोड) में मुख्यमंत्री के साथ ही कई मंत्री अन्य बड़े नेता विशेष मीटिंग में मशगूल थे। बंगले के बाहरी परिसर में एसएसपी, सिटी एसपी (वेस्ट) राजीव मिश्रा अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसर लाव-लश्कर के साथ मौजूद थे। इस मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री निवास (1, अणें मार्ग) में कैबिनेट की बैठक शुरू होते ही डीएम, एसएसपी अन्य अफसर राजभवन के सामने राजेंद्र गोलंबर पर सक्रिय दिखे।

बीते शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की रणभूमि बनने के बाद वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय का बाहरी एरिया पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। कोतवाली थाने की पुलिस के अलावा लाठीधारी हथियारबंद पुलिस पार्टी वहां मुस्तैद दिखी। वहीं, पार्टी ऑफिस परिसर में दिन से रात तक नेताओं कार्यकर्ताओं की भीड़ जमी रही।

युवा जद(यू) के महानगर अध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध जुलूस निकाला। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में पहले वीरचंद पटेल पथ में मिलर स्कूल तक फिर सर्कुलर रोड में उनके बंगले तक जुलूस गया। युवा अध्यक्ष चंदन ने कहा कि लोकतंत्र की नीति, नियम नैतिकता का गला घोंटने वाले सीएम के खिलाफ यह जुलूस कार्यकर्ताओं के विरोध आक्रोश का इजहार है। पार्टी की युवा इकाई अपने सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने तक आंदोलन जारी रखेगी।

विधान मंडल भवन के मेन गेट से कुछ ही फर्लांग पर सतमूर्ति स्मारक के पास महादलित अकलियत समाज से जुड़े 250 कार्यकर्ताओं ने डेरा जमा लिया। इस नजारे को देख सकपकाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर समीप ही सचिवालय थाने ले आई। फिर दो घंटे तक थाना परिसर प्रदर्शनकारियों का राजनीतिक अखाड़ा बना रहा। एसएसपी जितेंद्र राणा अन्य पुलिस-प्रशासनिक अफसर के अलावा अतिरिक्त बल भी थाने पर पहुंच गए थे। शाम करीब चार बजे गिरफ्तार आंदोलनकारियों को छोड़ा गया।

सचिवालय थाने के पास शनिवार को सुरक्षा चाक-चौबंद थी। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को यहीं लाया गया था। विधानसभा गेट के पास भी सुरक्षा कड़ी थी।