पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सुविधाएं तो बढ़ाई, पर टैक्स वसूली कम

सुविधाएं तो बढ़ाई, पर टैक्स वसूली कम

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नगरनिगम ने होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए लोगों को सहूलियतें दीं। मकसद था- कम समय में टैक्स वसूली ज्यादा से ज्यादा हो। लेकिन, हुआ इसके उलट। लोगों को दी गईं सुविधाओं का सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं होने और अफसरों की सुस्ती से निगम अब तक पिछले साल से भी कम टैक्स वसूली कर सका है।

अब फिर निगम पुराने नियम के अनुसार टैक्स कलेक्टरों को घर-घर भेज रहा है। ताकि आय बढ़ सके। 2014-15 के वित्तीय वर्ष में जनवरी 2015 तक होल्डिंगधारकों से 12.53 करोड़ रुपए की ही वसूली हो सकी है। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 37 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। इस वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपए टैक्स वसूली का लक्ष्य है।

करोड़ रुपए की वसूली हुई थी टैक्स के रूप में (2013-14)

करोड़ रुपए की वसूली हुई जनवरी तक (2014-15)

नगर निगम को विभागीय दिशा-निर्देश मिलने के बाद सभी होल्डिंग धारकों नए होल्डिंग धारकों को प्रोपर्टी टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य कर दिया गया। लोगों की सुविधा के लिए निगम में ऑनलाइन प्रोपर्टी टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया मई 2014 में शुरू की गई। मई से लेकर जनवरी 2015 तक कुल 59626 लोगों ने रिटर्न फाइल किया है। इसके लिए निगम की ओर से प्रचार-प्रसार के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठाया गया। इसके तहत हर घर को नोटिस भेजना था, लेकिन बहुत कम लोगों को ही निगम ने नोटिस भेजा। पहले टैक्स लेने के लिए घर-घर टैक्स कलेक्टर जाते थे।

ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स और प्रोपर्टी टैक्स रिटर्न जमा करना था। घर बैठे लोग रिटर्न फाइल और टैक्स जमा कर सकते थे। नागरिक सुविधा केंद्रों निगम कार्यालयों में भी यह सुविधा दी गई थी। लेकिन, जागरुकता के अभाव में कई लोगों ने टैक्स जमा नहीं किया। वे इंतजार करते रहे कि टैक्स कलेक्टर उनके घर आएगा।

1.98 होल्डिंग धारक हैं निगम क्षेत्र में

18 लाख है निगम क्षेत्र की आबादी

नूतन राजधानी अंचल बांकीपुर अंचल कंकड़बाग अंचल पटना सिटी अंचल कुल

कुलहोल्डिंग 8013734420 32414 50355 197326

रिटर्नफाइल 2679111110 8137 13588 59626

वसूली4537989123065018 20049629 19573239 17178975

ऑनलाइन प्रोपर्टी टैक्स रिटर्न फाइल की प्रक्रिया शुरू करने से पहले तत्कालीन नगर आयुक्त कुलदीप नारायण ने दावा किया था कि रिटर्न फाइल किए जाने से सौ प्रतिशत होल्डिंग टैक्स की वसूली हो सकेगी। निगम क्षेत्र में जो होल्डिंग से बाहर हैं, उन्हें भी जोड़ा जा सकेगा। पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

फिरपुराना फंडा

अबनगर निगम टैक्स वसूली के पुराने फंडे पर गया। टैक्स वसूली के लिए टैक्स कलेक्टरों को घर-घर भेजा जा रहा है। लोगों से रिटर्न फाइल कराने और टैक्स जमा करने के लिए जागरूक करने का कार्यक्रम चला रहा है। निगम का दावा है की पिछले साल का लक्ष्य निश्चित रूप से पूरा कर लिया जाएगा।