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राज्यभर में लगे जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे
मांझी और नीतीश के समर्थक सड़क पर उतरे, पुतले जलाए
पटना | राज्यमें चल रही राजनीतिक उठा पटक के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समर्थन दानापुर, खगौल, पालीगंज और पुनपुन में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। वहीं मोकामा में मुख्यमंत्री का विरोध करते हुए उनका पुतला फूंका।
दानापुर में रुकनपुरा में महादलितों ने हंगामा करते हुए करीब दो घंटे तक बेली रोड को जाम कर दिया। हाथों में लाठी-डंडा लिए महादलित युवकों ने नीतीश विरोधी नारे लगाए। शरद यादव और जदयू के अन्य नेताओं पर दलित, महादलित विरोधी होने का आरोप लगाया। डीएसपी राजेश कुमार, सीओ कुमार कुन्दन लाल और रुपसपुर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। खगौल में रेलवे स्टेशन के पास महादलित युवकों ने नारेबाजी करते हुए नीतीश कुमार का पुतला दहन किया।
पालीगंज में मांझी समर्थकों ने अनुमंडल कार्यालय का घेराव किया और पालीगंज चौराहा पर नीतीश कुमार और शरद यादव का पुतला फूंका। घेराव का नेतृत्व कर रहे संजय मांझी ने किया। मौके पर लक्ष्मी मांझी, विजय कुमार भारती, अयोध्या मांझी, राजू मांझी आिद मौजूद थे। पुनपुन बाजार में टोला सेवक विकास मित्रों के साथ मुसहर विकास मंच ने पूरी घटना दलित और महादलित को आहत करने वाली है। राष्ट्रीय मुसहर विकास मंच के संयोजक राजेश्वर मांझी ने कहा कि अगर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया तो पूरे प्रदेश में मुसहर समुदाय मंच एवं महादलित चक्का जाम करेंगे। मोकामा में मुख्यमंत्री के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन कर पुतला जलाया। जयप्रकाश चौक पर नगर जदयू अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।
पटना| शनिवारको दिन का तापमान तो 24 डिग्री ही था लेकिन 7, कौटिल्य मार्ग कुछ ज्यादा ही तप रहा था। यह नीतीश कुमार का आवास है। अंदर मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष शरद यादव के बीच सियासी वार्ता जारी थी। बाहर, हर कोई विश्लेषण में जुटा था। इसी बीच \\\"नीतीश कुमार जिंदाबाद\\\" का नारा लगाता एक जत्था पहुंचा। कौटिल्य मार्ग के बाहर जमी भीड़ उधर मुखातिब हुई। पता चला यह युवा जदयू के लोग हैं। नारा लगाने वाले बंद गेट तक गए फिर शांत पड़ गए। थोड़ी ही देर में उनका टोन बदल गया। तब तक इस जमात को भीतर वार्ता के बारे में पता चल चुका था। अब नारा उछला... हम एक हैं, एक रहेंगे। श्रोता जमात को एहसास हुआ कि मांझी मान गए। यह सब 2:10 बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा। इसी वक्त मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मंत्रिपरिषद के अपने दो सहयोगियों नरेंद्र सिंह वृशिण पटेल के साथ बाहर निकले। 1, अणे मार्ग के लिए। उनके जाते ही लाठी में पार्टी का झंडा टांगे।
गया| गयाजिला जदयू के जिलाध्यक्ष अभय कुशवाहा जबसे पार्टी से जुड़े हैं तबसे पार्टी के शीर्ष नेताओं के करीबी रहे हैं। वह सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के सिद्धांतों पर अमल भी करते रहे हैं। सूबे में जदयू दो खेमा में बंट गया है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समर्थन में कुछ लोग गोलबंद हो रहे हैं, वहीं अभय कुशवाहा आज भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गुणगान करते दिख रहे हैं।
डाक बंगला पर मुख्यमंत्री मांझी का पुतला फूंकते छात्र समागम। उधर, विधानसभा के पास मुख्यमंत्री के समर्थन में धरना देते लोग।