पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • छह कार्य विभागों में इंजीनियरों के 30 प्रतिशत पद खाली

छह कार्य विभागों में इंजीनियरों के 30 प्रतिशत पद खाली

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सूबेके छह कार्य विभागों में इंजीनियरों की भारी कमी है। नियमित बहाली नहीं होने से मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक इंजीनियरों की कमी के कारण निर्माण के साथ मॉनिटरिंग में भी मुश्किल हो रही है। निर्माण कार्यों का सही सुपरविजन नहीं हो पा रहा। इस्टीमेट बनाने में कठिनाई हो रही है। इससे कंसल्टेंटों की चांदी हो गई है। सरकारी धन बर्बाद हो रहा है। अधिसंख्य डीपीआर बनाने का काम निजी कंसल्टेट कर रहे हैं।

कुछ विभागों में संविदा पर जूनियर इंजीनियरों की तैनाती की गई है, पर काम की गुणवत्ता के लिए जिम्मेवार उच्च पदों पर बहाली नहीं हुई है। असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर इंजीनियर इन चीफ तक के करीब 30 फीसदी पद खाली होने से संकट है। हालांकि, वर्ष 2013 और उसके पहले वर्ष 2008 में असिस्टेंट इंजीनियर के करीब 400-400 पदों पर नियमित बहाली की गई थी। पर इससे कमी पूरी नहीं की जा सकी। हाल यह है कि कई-कई कार्य प्रमंडलों का काम एक ही अधिकारी निभा रहे हैं। समय पर काम का सुपरविजन नहीं होने से ठेकेदारों को भुगतान में देर हो रही है।

विभाग पद एई ईई एसई सीई ईएनसी

जलसंसाधन 434 43 25 10 03

पथ निर्माण 202 22 29 02 02

ग्रामीण कार्य 200 42 10 03 --

भवन निर्माण 51 21 11 04 --

लघु जल संसाधन 72 20 08 03 01

पीएचईडी 42 08 17 02 --

^जिस तरह प्रशासनिक सेवा के रिक्त पदों पर हर साल बहाली होती है, उसी तरह इंजीनियरों के रिक्त पदों के भरने की ओर सरकार गंभीर रहे तो यह नौबत नहीं आएगी। पर, संविदा पर काम चलाने की इच्छुक राज्य सरकार जान-बूझ कर बहाली नहीं कर रही है। राजेश्वरमिश्र, अध्यक्ष, अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति और उपाध्यक्ष, बेसा