अब डॉक्टरों की सिर्फ नियमित नियुक्ति!
सूबे में अब डॉक्टरों की सिर्फ नियमित बहाली होगी! डॉक्टरों की गांवों में तैनाती सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने इस नीति पर चलने का फैसला किया है। सरकारी सेवाओं में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए हरियाणा सरकार की तर्ज पर नियमित बहाली करने की मांग राज्य के डॉक्टर वर्षों से करते रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने राज्य स्वास्थ्य सेवा संवर्ग की बहाली को वहां के पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) से अलग कर दिया है। वहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कमेटी के माध्यम से वाकिंग इंटरव्यू कर हर माह नियमित बहाली हो रही है। इस सिस्टम से वहां डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सका है। बिहार में भी उसी सिस्टम के मार्फत डॉक्टरों की सिर्फ नियमित बहाली करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में शीघ्र ही घोषणा होने की संभावना है।
अभीडॉक्टरों के 11500 पद हैं खाली
बिहारस्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डॉ. अजय कुमार ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अंतर्गत 12500 पद हैं, जिनमें 2700 पद पर ही नियमित डॉक्टर कार्यरत हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के 2500 पद हैं, जिनमें 800 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। इस हिसाब से दोनों जगहों पर 11500 पद खाली हैं। साथ ही औसतन हर महीने मेडिकल कॉलेजों में 2 से 5 शिक्षक और अस्पतालों में 10 से 15 डॉक्टर रिटायर्ड हो रहे हैं। बीपीएससी से दो से तीन साल में बहाली हो पाती है। ऐसे में नियमित बहाली से ही डॉक्टरों की कमी दूर हो पाएगी।
^डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सिर्फ नियमित बहाली करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सम्राटचौधरी, प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री
पटना| नियोजितशिक्षकों को मांझी सरकार वेतनमान का तोहफा दे सकती है। नियोजित शिक्षकों के नियत वेतन में फेरबदल करने को लेकर सरकार की ओर से मंथन जारी है। शुक्रवार को संभावित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हो सकता है। बताया जा रहा है कि नियोजित शिक्षकों को वेतनमान देने या एकमुश्त अच्छी राशि की वृद्धि करने, दोनों मसले पर विचार-विमर्श हो रहा है। इसका फायदा राज्य के करीब साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को मिलेगा। वर्तमान में इन्हें नियत वेतन मिलती है, जो 9000 से 12 हजार रुपए के बीच है। वेतनमान की घोषणा होती है, तो इनके वेतन में तिगुनी तक वृद्धि होगी। विदित हो कि शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने कहा था कि बजट सत्र में नियोजित शिक्षकों के वेतनवृद्धि पर घोषणा होगी। शिक्षकों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि होगी। इसी बीच राज्य की राजनीतिक परिस्थिति में काफी बदलाव आया। वित्तमंत्री समेत 20 मंत्रियों का सामूहिक इस्तीफा हो गया है। 20 फरवरी को मांझी सरकार को विश्वास मत हासिल करना है। ऐसे में 20 फरवरी के पहले नियोजित शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लेने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।