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व्यवसायी से अजय वर्मा के नाम पर मांगी रंगदारी, दो गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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दो चेन स्नैचर गिरफ्तार, गिरोह बनाकर करते थे स्नैचिंग

हाइवे पर महिलाओं की अस्मत, ट्रैक्टर लूटने वाले 5 धराए

फुलवारीशरीफ-नौबतपुर और पटना-खगौल के बीच महिलाओं से दुष्कर्म, वाहनों की लूट, मवेशियों की चोरी जैसी वारदातों से आतंक मचाने वाले गिरोह के सरगना भूरा नट (खगौल) सहित उसके चार साथियों भोला पासवान(दुल्हिनबाजार), मीठू पासवान(रानी तालाब), लाले पंडित(फुलवारीशरीफ) और गुड्डू कुमार(खगौल) को नौबतपुर रोड से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 5 देसी पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस, एक टाटा विक्टा, एक स्कॉर्पियो और एक बाइक बरामद हुई है। दो दर्जन से अधिक वारदातों में गिरोह ने अपनी संलिप्तता स्वीकारी है।

खरीदारबनकर करते थे रैकी : अपराधियोंने बताया कि सूमो और स्कॉर्पियो पर सवार होकर गिरोह ग्रामीण इलाकों में मवेशी का सौदा करने जाते थे। इसी बहाने रेकी करते और रात के समय धावा बोल देते थे। गिरोह अपने साथ पिकअप वैन लेकर आते थे जिसमें मवेशियों को लाद लिया जाता था। किसी खतरे से निपटने के लिए वो हथियार भी रखता था।

हाइवेसे महिलाओं को उठाकर करते थे गैंगरेप : हाइवेपर शौच करने के लिए रात में जो महिलाएं निकलती थीं उन्हें वे हथियार के बल पर अगवा कर लेते थे। किसी सुनसान इलाके में ले जाकर गैंगरेप करने के बाद उसी स्थान पर लाकर छोड़ देते थे। ऐसे ज्यादातर मामलों में शिकायत नहीं होने से पुलिस को पता भी नहीं चलता था। एक लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या की बात भी गिरोह ने स्वीकार की है। इस मामले का पता लगाया जा रहा है।

4 अक्टूबर 2005 को एग्जीबिशन रोड में हिन्दुस्तान लीवर से जुड़े व्यवसायी विश्वनाथ कुमार से लाखों की राशि लूटने में भी उनके तत्कालीन ड्राइवर सुरेन्द्र ही लुटेरों का लाइनर था। इसमें प्रमोद भी शामिल था। लूट की घटना के गम में दो-तीन दिनों बाद व्यवसायी की मौत हो गई थी।

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पूछताछ में शूटर ड्राइवर मे बताया कि धमकाने पर राशि नहीं मिलती तो व्यवसायी पर हमला करते। एक दशक में दोनों एक दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल रहे हैं।

व्यवसायी ने ड्राइवर नहीं रखने और खुद ड्राइविंग की करने की कसम खाते हुए कहा कि 7 वर्षों से सुरेंद्र ड्राइवर था। उसके पिता उनके यहां बिजली मिस्त्री हैं और भाई भी काम करता है। उसपर विश्वास किया, पर वह आस्तीन का सांप निकला। पहले 5 लाख मांगी, फिर चार ला