न्यायपालिका में भी भ्रष्टाचार चरम पर
न्यायपालिका और न्यायिक व्यवस्था में भी भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए वकीलों को एकजुट होकर संकल्प लेना होगा। वकील तय कर लें कि किसी भी कीमत पर हाकिम को घूस नहीं देंगे। निचली अदालतों में तारीख के लिए पेशकार को पैसे नहीं देंगे तो निश्चित रूप से 80 प्रतिशत भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकता है। बिहार राज्य बार काउंसिल की ओर से न्यायिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में वकीलों ने एक स्वर में यह विचार व्यक्त किया।
काउंसिल के अद्यक्ष अखौरी मंगलाचरण श्रीवास्तव ने कहा कि हम न्यायपालिका से किसी तरह की टकराव की मंशा नहीं रखते। हम चाहते हैं कि आम लोगों को समय पर न्याय मिले। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष सूरज नारायण प्रसाद सिन्हा ने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार बढ़कर अब 47 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बालेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य योगेश चन्द्र वर्मा, जयप्रकाश सिंह, प्रेमकुमार झा, रमाकांत शर्मा, विंध्यकेसरी कुमार, रंजन कुमार झा, विश्वनाथ प्रसाद सिंह आदि ने अपने विचार रखे। काउंसिल के उपाध्यक्ष कामेश्वर पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। जे.पी. सिंह और प्रेम कुमार झा ने मंच संचालन किया। मौके पर राजेश्वर प्रसाद सिन्हा शशि एस किशोर थे।
न्यायिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर राज्यस्तरीय सम्मेलन
सम्मेलन में राजेश्वर सिन्हा, कामेश्वर पांडे, अखौरी मंगला चरण श्रीवास्तव, राजेन्द्र प्रसाद सिंह अन्य।