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अब दो-दो वर्षों का होगा बीएड-एमएड

7 वर्ष पहले
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बीएड और एमएड के कोर्स अब दो-दो साल के होंगे। इसको लेकर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की तैयारी अंतिम चरण में है। संभावना जताई जा रही है कि इसी साल दो वर्षीय बीएड कोर्स लागू करने पर निर्णय ले लिया जाएगा। 2015 के जुलाई के सत्र से यह प्रभावी हो जाएगा। हालांकि एक इसके खिलाफ है। इसी को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 15 सितंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में बैठक बुलाई है। ताकि इस बैठक में बिहार से शिक्षा विभाग से शोध एवं प्रशिक्षण के निदेशक और विश्वविद्यालयों को कुलपति भाग लेंगे। बैठक में बीएड के दो वर्षीय कोर्स पर सभी अपनी राय देंगे तथा बिहार में इस कोर्स की जरूरत और इसके लिए संचालित संस्थानों के बारे में विस्तार से बताएंगे। फिलहाल ये दोनों कोर्स एक-एक साल के हैं। सिर्फ डिस्टेंस मोड मे ये दोनों कोर्स दो वर्ष के हैं।

बिहार में 200 बीएड कॉलेज हैं। इनमें 176 निजी हैं। राज्य सरकार की योजना है कि सभी अंगीभूत कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई स्ववित्त पोषित तरीके से हो। हालांकि विभाग के तीन साल के प्रयास के बाद भी एक भी कॉलेज में शुरू नहीं कराया जा सका है।

4 वर्षीय बीएल ईडी कोर्स पर भी विचार

दिल्लीमें यूजीसी की बैठक में बिहार में चार वर्षीय बीएल ईडी (बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन) को शुरू करने पर भी बात होगी। प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक बनने के लिए यह कोर्स 12 वीं कक्षा के उत्तीर्ण विद्यार्थी कर सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में यह कोर्स पहले से चल रहा है।

दो वर्षीय कोर्स में क्या खास

नएकोर्स में फील्ड ट्रेनिंग पर अधिक जोर दिया गया है। यानी स्कूल में ले जाकर बच्चों को पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण लेने वाले स्कूल में अधिक समय देंगे। साथ ही पाठ्यक्रम को भी बड़ा किया जा रहा है।

दिल्ली में यूजीसी की कल होगी बैठक