भाजपा महादलित विरोधी पार्टी : मंत्री
जलसंसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा की नीति न्याय विरोधी है और महादलित विरोधी भी। बिहार के लोगों को बेहतर न्याय व्यवस्था मिले या कमजोर वर्गों को बेहतर शिक्षा मिले, ऐसे प्रस्ताव सुशील मोदी को हास्यास्पद लगते हैं।
क्या न्याय की व्यवस्था को बेहतर बनाने की सोच रखना मजाक का विषय है? क्या अनुसूचित जाति के लिए हर अनुमंडल में डिग्री कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखकर मुख्यमंत्री ने कोई गलती की है? कल भाजपा नेता मुख्यमंत्री को मुखौटा मुख्यमंत्री कहकर नीचा दिखा रहे थे और आज वही नेता पूछ रहे हैं कि मांझी स्वतंत्र रूप से क्यों काम कर रहे हैं? विरोधी दल के नेता बिन पेंदी के लोटे की तरह डोल रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता महादलित विरोधी मानसिकता से भरे हैं। वे मुख्यमंत्री की निंदा सिर्फ इसलिए करते हैं कि वे महादलित समुदाय से आते हैं। इस तरह की राजनीति से अलग जदयू न्याय के साथ विकास की राह पर चलने के लिए कृतसंकल्प है। बिहार सरकार की जवाबदेही सीधे तौर पर राज्य की जनता के प्रति है। ऐसे में कौन से अधिकारी किस विभाग में रहेंगे, यह सरकार का फैसला है।