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जमीन का वर्गीकरण एक माह में करें अंचलाधिकारी

7 वर्ष पहले
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जिलेकी सभी जमीनों का वर्गीकरण होगा। अंचलाधिकारी इस कार्य को पूरा कराएंगे। जमीन के प्रकार के आधार पर राजस्व वसूली प्रक्रिया को पूरी कराई जाएगी। जमीन को मुख्य रूप से व्यावसायिक, आवासीय, प्रगतिशील, कृषि योग्य या दियारा के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि जमीन का भौतिक निरीक्षण कर जमीन का वर्गीकरण किया जाए। संबंधित अनुमंडलाधिकारी या भूमि सुधार उप समाहर्ता इस कार्य का पर्यवेक्षण या सत्यापन करेंगे।

डीएम ने सभी सीओ को वर्तमान समय में लागू एमवीआर बाजार मूल्य के अनुरूप करते हुए जमीन के किस्मवार प्रतिवेदन 20 सितंबर तक हर हाल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला अवर निबंधक प्रशांत कुमार की ओर से सभी सीओ को किस्मवार मौजा वार अधिसूचित एमवीआर की प्रति उपलब्ध कराई गई। डीएम ने कहा कि बाजार मूल्य के अनुरूप समीक्षा के बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा एमवीआर में अपेक्षित संशोधन किया जाएगा।

सितंबर को जारी होगा जिला स्तर पर संशोधित एमवीआर रेट

सितंबर तक सीओ एमवीआर में संशोधन के लिए दें प्रस्ताव,

डीएम ने सभी सीओ के साथ बैठक में निर्देश दिया कि चालू क्रमिक खतियान रजिस्टर टू के डाटा को कंप्यूटराइज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था होने से कोई भी व्यक्ति अपने जमीन की विस्तृत जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में दाखिल-खारिज एलपीसी जारी करने की कार्रवाई ऑनलाइन की जा सकेगी। इस कार्य के लिए सबसे पहले रजिस्टर टू को अपडेट करना अनिवार्य होगा। सभी सीओ को इसके लिए हल्का वार कैंप लगाकर रजिस्टर टू को अपडेट करना होगा। सभी रैयतों को प्रपत्र दो उपलब्ध कराकर इस संबंध में सूचना प्राप्त करनी होगी। साथ ही, रजिस्टर टू में सभी खाता खेसरा की विस्तृत विवरणी के साथ-साथ चौहद्दी भी अंकित किया जाना अनिवार्य है।