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नालंदा मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र पर जालसाजी का मामला दर्ज
नालंदामेडिकल कॉलेज के पीजी के छात्र डाॅ. मनीष कुमार के एडमिट कार्ड में लगी तस्वीर का एडमिशन के वक्त उनके चेहरे से मेल नहीं खाने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। छानबीन के बाद अगमकुआं थाना में पीजी छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।
डाइरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ फैमिली वेलफेयर केंद्र सरकार दिल्ली द्वारा काउंसिलिंग 2011 के तहत डाॅ. मनीष को ऑल इंडिया कोटा में एनएमसी के एमएस जनरल सर्जरी कोर्स 2011-14 सेशन में एडमिशन के लिए चयनित किया गया था। डाॅ. मनीष सभी अभिलेखों के साथ उक्त कोर्स के लिए उपस्थित हुए। जांच के क्रम में पाया कि छात्र का चेहरा डाइरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस मिनिस्ट्री एंड फैमली वेलफेयर इंडिया द्वारा जारी किए गए एडमिट कार्ड से मेल नहीं खा रहा है। इस लिए तत्कालीन प्राचार्य के आदेश पर डॉ मनीष का पीजी कोर्स में प्रोविजनल एडमिशन कर लिया गया था। इस बात की सूचना तत्कालीन प्राचार्य ने उप निदेशक दिल्ली को दी। जानकारी के अनुसार इस संबंध में दिल्ली में भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राचार्या शिवकुमारी प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में विभाग से निर्देश मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी छात्र को बुला कर इस संबंध में पूछा गया है,लेकिन गलत दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने की बात से इनकार करता है।
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव अनिल कुमार ने पूरे मामले की छानबीन कर कॉलेज प्रशासन को इस संबंध में पीजी के छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का निर्देश दिया गया है। इसी के आधार पर कंकड़बाग निवासी डा मनीष कुमार के खिलाफ पीएसएम विभाग के डाॅ. सेराज अंसारी ने मामला दर्ज कराया है। बताया जाता है कि इस मामले की जांच किसी एजेंसी या फिर सीबीआई से कराने पर बल दिया है। थानाध्यक्ष उतीम सिंह ने बताया कि इस संबंध में कांड संख्या 354 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।