डीसीएलआर तीन माह में निपटाएं भूमि विवाद
भूमिसुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को तीन माह में भूमि विवाद के मामलों को निपटाने के लिए विशेष निर्देश जारी किया गया है। पिछले एक माह में 396 मामलों में से 202 से अधिक मामले भूमि विवाद से जुड़े थे। इसको देखते हुए प्रशासन ने अब डीसीएलआर को ऐसे मामलों पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भूमि विवाद के मामलों को निपटाने के बाद डीसीएलआर को आदेश की प्रति वेबसाइट पर जारी करनी होगी। आदेश पारित हाेने के 24 घंटे के भीतर उसे जिला वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए एनआईसी काे उपलब्ध कराना होगा। भूमि मामलों की समीक्षा के क्रम में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि डीसीएलआर के आदेशों की समीक्षा के लिए जिला स्तर पर एक टीम बनाई जाएगी। डीएम ने भूदान बंदोबस्त भूमि का स्थल सर्वेक्षण करते हुए यह सत्यापन करने का निर्देश दिया कि बंदोबस्त भूमि मूल रूप से किसका कब्जा है। बंदोबस्त लाभार्थी के अलावा अगर बंदोबस्त जमीन पर अगर किसी अन्य व्यक्ति का दखल है, तो ऐसे मामलों काे चिन्हित करते हुए बंदोबस्ती रद्द करने की जाए। डीएम ने साफ किया है कि लाभार्थी को बंदोबस्ती की जमीन स्थानांतरित करने या खरीद-बिक्री का कोई अधिकार नहीं है। अगर जबरन कब्जा करने की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो लाभार्थी को दोबारा दखल दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
डीएम ने कहा कि जिले के सभी जमीन का विवरण ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जमीन का मौजा के आधार पर विवरण तैयार किया जा रहा है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन का विवरण तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। डीएम ने कहा कि जमीन के आंकड़े अपडेट करने के साथ-साथ एमवीआर रेट भी अंकित किया जाएगा।