वोकेशनल के लिए शिक्षक बहाली नहीं
कॉलेजोंमें शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत होते ही बवाल शुरू हो गया है। बवाल का कारण प्रक्रिया है, जिन पर शिक्षाविदों के साथ अभ्यर्थियों को भी आपत्ति है। एक मामला यह भी है कि जितने शिक्षकों की जरूरत है, उससे कहीं कम शिक्षकों की बहाली हो रही है। बात पटना विश्वविद्यालय की करें तो आंकड़ों में शिक्षकों के सृजित पदों की संख्या के अनुसार यहां 412 शिक्षक चाहिए, लेकिन नियुक्ति सिर्फ 155 की हो रही है। लेकिन एक बात पर किसी का ध्यान नहीं है कि वोकेशनल कोर्स जिनमें छात्र देते तो मोटी फीस हैं, लेकिन इनमें आज तक कभी भी विशेषज्ञ शिक्षक नहीं रहे। नई नियुक्ति में भी वोकेशनल कोर्स के लिए पद सृजित नहीं किए जा रहे हैं।
{स्नातकोत्तर कोर्स : 9 {पीजी डिप्लोमा कोर्स : 15
पटना विवि के इतने कोर्स में नहीं है कोई विशेषज्ञशिक्षक
{पटना साइंस कॉलेज : तीनवर्षीय स्नातक कोर्स : 3
{पटना कॉलेज :तीन वर्षीय स्नातक कोर्स : 3
{मगधमहिला कॉलेज :तीन वर्षीय स्नातक कोर्स : 4
पीजी डिप्लोमा कोर्स : 3, स्नातकोत्तर कोर्स : 1
{पटनावीमेंस कॉलेज :तीन वर्षीय स्नातक कोर्स : 5,
पीजी डिप्लोमा कोर्स : 3
{बीएनकॉलेज :तीन वर्षीय स्नातक कोर्स : 6
सर्टिफिकेट कोर्स : 1
पटना विश्वविद्यालय में शिक्षकों की जो नियुक्ति हो रही है वो पुराने पैटर्न पर ही हो रही है। शिक्षक नियुक्ति के नियम-कायदे बीच-बीच में बदलते रहे। कभी विश्वविद्यालय प्रशासन को नियुक्ति का अधिकार मिला तो कभी कमीशन की सलाह से बहाली हुई। इस बीच कोर्स बढ़ते गए, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में नए कोर्स के लिए नए पदों का सृजन नहीं हुआ। हालांकि जब पीयू से इंटर की पढ़ाई समाप्त हुई तो रेशनेलाइजेशन के नाम पर शिक्षकों के पदों को घटा जरूर दिया गया है।