नॉन बैंकिंग कंपनियों पर रहेगी नजर
जिलाप्रशासन अब नॉन बैंकिंग कंपनियों की गतिविधि पर नजर रखेगा। कोई नॉन बैंकिंग भोले-भाले लोगों को ठग कर उनकी मेहनत की कमाई लेकर फरार हो जाए, इसके लिए जिला स्तर पर अभियान चलेगा। प्रशासन का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में नॉन बैंकिंग कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए प्रशासनिक पदाधिकारी अब सूचना मिलने के बाद ऐसे ग्रामीण इलाकों में जाएंगे। नॉन बैंकिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली को जानेंगे। रिपोर्ट प्रशासन के पास भेजेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक सेबी ने नॉन बैंकिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला स्तर पर डीएम एसएसपी को इस प्रकार के बैंकों के कार्य पर नजर रखनी है। प्रशासन की ओर से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर पर वरीय उप समाहर्ता को इन कंपनियों की कार्यप्रणाली की जानकारी लेने के लिए विशेष रूप से प्रतिनियुक्त किया गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि पिछले दिनों आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद इस मामले पर कार्रवाई तेज की जा रही है। नॉन बैंकिंग कंपनियों पर नजर रखने के लिए प्रतिनियुक्त वरीय उप समाहर्ता स्वयं पूरे मामले की जानकारी लेने जाएंगे।
वरीय पदाधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
जिलास्तर पर नॉन बैंकिंग कंपनियों पर नजर रखने वाले पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला का प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त डॉ. एन विजया लक्ष्मी ने दिया है। इसके आधार पर आरबीआई सेबी की ओर से कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र इसके तहत जिलों में काम करने वाले वरीय पदाधिकारियों को नॉन बैंकिंग कंपनियों के लिए जारी गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे वे ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई कर सकेंगे।