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मैट्रिक का रजिस्ट्रेशन फार्म खुद भरें परीक्षार्थी, तो कम होंगी गलतियां

7 वर्ष पहले
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बिहारविद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षार्थियों से स्वयं रजिस्ट्रेशन फार्म भरने को कहा है। बोर्ड की ओर से जारी निर्देशिका में परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बोर्ड का मानना है कि अधिकांश विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन फार्म शिक्षक भरते हैं। इस कारण कई बार विद्यार्थियों या उनके अभिभावक के नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी हो जाती है।

बिहार बोर्ड का कहना है कि अगर विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन फार्म नहीं भरते हैं तो उनके फार्म में गलती होगी। इससे उनका रजिस्ट्रेशन फार्म रद्द भी हो सकता है। बाद में किसी प्रकार की गलती पकड़े जाने पर रिजल्ट भी रोका जा सकता है। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. लालकेश्वर प्रसाद सिंह का कहना है कि विद्यार्थी अगर मार्गदर्शिका का अनुपालन करते हुए रजिस्ट्रेशन फार्म भरेंगे तो गलती की संभावना कम होगी।

पहले दिन 136 स्कूलों ने लिया मैट्रिक का रजिस्ट्रेशन फार्म : बीएनकॉलेजिएट स्कूल में पहले दिन 360 में से 136 हाईस्कूलों ने रजिस्ट्रेशन फार्म लिया। जिला शिक्षा अधिकारी महेश प्रसाद सिंह ने बताया कि स्कूलों में 10 अक्टूबर तक मैट्रिक का रजिस्ट्रेशन फार्म भरा जाना है। 16 अक्टूबर तक विलंब शुल्क के साथ फार्म भरा जाएगा, जिसमें विलंब शुल्क 100 रुपया है।

बोर्ड ने विद्यार्थियों से कहा है कि ओएमआर रजिस्ट्रेशन फॉर्म में विद्यार्थी अपना नाम, पिता का नाम, विषयों का विवरण अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को भरने से पहले अभ्यास करें। फार्म भरते समय इस पर कटिंग हो। बोर्ड का कहना है ओएमआर रजिस्ट्रेशन फॉर्म से डाटा सीधे कंप्यूटर पर जाएगा। इससे अगर विद्यार्थी जरा सी चूक करते हैं, तो कंप्यूटर इसमें अपने तरफ से कोई सुधार नहीं करेगा। इससे बाद फार्म में सुधार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा।