- Hindi News
- डिपार्टमेंटल काउंसिल में छात्रों को नहीं मिली जगह
डिपार्टमेंटल काउंसिल में छात्रों को नहीं मिली जगह
पटनाविश्वविद्यालय में छात्रों के हंगामे का सबसे बड़ा कारण उनका सही प्रतिनिधित्व नहीं होना है। पटना विवि की सीनेट की हर बैठक में बाहर-अंदर हंगामा होता है, क्योंकि इसमें प्रावधान होने के बावजूद छात्रों के प्रतिनिधि नहीं होते। पीयू प्रशासन जैसे हमेशा ही छात्रों को यूनिवर्सिटी सिस्टम का हिस्सा बनने से रोकना चाहता है। कोई अधिकारी खुले तौर पर छात्रसंघ का विरोध नहीं करता, लेकिन फिर भी छात्रसंघ चुनाव नहीं होते, जबकि शिक्षक कर्मचारियों के संघ चुनाव में कोई बाधा नहीं आती। इसी प्रकार स्नातकोत्तर विभागों में डिपार्टमेंटल काउंसिल में छात्रों के दो सदस्यों को रखने के निर्देश के बाद भी पीयू प्रशासन इसे लेकर सजग नहीं है।
छात्रों में इसे लेकर आक्रोश
दूसरीओर छात्रों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। इस संबंध में छात्र राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष मो. तनवीर अहमद बताते हैं कि विभागों के डिपार्टमेंटल काउंसिल में ही नहीं, एकेडमिक काउंसिल में भी छात्रों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए क्योंकि इनमें छात्रों से जुड़े मुद्दे होते हैं।
स्नातकोत्तर विभागों में राजभवन के निर्देशानुसार दो छात्रों को डिपार्टमेंटल काउंसिल में रखना है। इसमें एक कुलपति और दूसरा विभागाध्यक्ष द्वारा नामित होगा। इसके लिए राजभवन ने मई 2013 में आदेश जारी किए थे। इसके बाद पीयू प्रशासन ने अपने स्तर से एक अधिसूचना जारी की, जिसमें सभी विभागों को राजभवन के इस निर्देश का पालन करने को कहा गया, लेकिन यह आज भी नहीं हो रहा। विभाग डिपार्टमेंटल काउंसिल के नाम पर महज खानापूर्ति ही करते हैं। इस संबंध में प्रतिकुलपति प्रो. आरके वर्मा ने बताया कि डिपार्टमेंटल काउंसिल में छात्रों का प्रतिनिधित्व होना है, इसे हम शीघ्र ही सुनिश्चित करेंगे। कुछ चीजें सिस्टम में होने के बावजूद लागू नहीं हो पाती, लेकिन यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी विभागों द्वारा इसे लागू करना आवश्यक होगा।