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नौ बड़े नालों पर मंदिर, सरकारी प्राइवेट भवन और झुग्गी-झोपड़ी
सड़े काले पानी से अब बीमारी का है खतरा
अितक्रमण के कारण ठीक से नहीं हो पाई उड़ाही
पटनाशहर के नौ बड़े नाले पर जहां-तहां मंदिर, सरकारी-प्राइवेट भवन और झुग्गी झोपड़ियों का अतिक्रमण है। कोई भी नाला ऐसा नहीं बचा है जहां अतिक्रमण नहीं दिखता। कहीं नाले के किनारे शिव, कहीं हनुमान तो कहीं साईं भगवान का मंदिर बना है। वहीं कहीं अभी भी नाले से सटे मंदिर का निमार्ण कार्य चल रहा है। मंदिर से नाला का कुछ भाग बचा तो आम लोगों ने अपने घर के चहारदीवारी को नाले की ओर फैला दिया वहीं, हर जगह झुग्गी झोपड़ी बसा है वह अलग। नालों पर इस तरह का अतिक्रमण, नतीजा साफ है। नाला उड़ाही के समय निगम जेसीबी या पोकलेन तो ले जाता है, लेकिन आधा अधूरा उड़ाही कर लौट आता है। दैनिक भास्कर ने बुधवार को नौ बड़े नाले पर अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। हर नाले पर अतिक्रमण दिखा।
बाइपासके किनारे 34330 फीट लंबे नाले पर कदम-कदम पर अतिक्रमण : बाइपासके किनारे 34330 फीट लंबे नाले पर हर कदम-कदम पर अतिक्रमण है। मीठापुर बस स्टैंड से लेकर नंदलाल, पहाड़ी, न्यू बाइपास रोड, नंद लाल छपरा, बादशाही पइन तक नाले के किनारे करीब बांस, गिट्टी-बालू की दुकान, निजी मकान और करीब एक सौ से अधिक हॉस्पिटल चल रहा है, जिसका रास्ता नाले से होकर जाता है। कहीं नाले पर पक्की सड़क बना दी गई है तो कहीं नाले को कच्ची मिट्टी भर कर पाट दिया गया है।
आज भी होगी बारिश
राजधानीमें लगभग हर दिन बारिश हो रही है। शहर में बुधवार की शाम भी शहर के इलाकों में बारिश हुई। जिससे शहर में जलजमाव की स्थिति और बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक दाे दिनों तक बारिश की ऐसी ही स्थिति रहेगी। मौसम विभाग के निदेशक आशीष कुमार सेन ने बताया कि मानसून सितंबर अक्टूबर में जब अपने अंतिम दौर में है तो ऐसी स्थिति होती है। हालांकि ऐसी बारिश बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बना है। अभी की बारिश का कारण क्षेत्रीय बादलों के सिस्टम का बनना है।
बैठे-बैठे बीमार हो गई दादी
अशोक नगर, रामलखन पथ के घरों में पानी इतना अधिक हो गया है कि कुछ लोग अपना घर छोड़ दूसरे के यहां दिन बिताते हैं। एक ऐसे ही व्यक्ति हैं शिबू लाल। इनके घर में कमर भर से भी अधिक पानी भरा हुआ है। अपने पड़ोसी के घर के खिड़की पर बैठ कर पांच दिनों से दिन बीता रहे हैं। गंदे पानी के बीच रह कर परेशान हो उठे हैं। वही