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- सीएम ने कहा सुरक्षा देंगे, फिर भी लौटने को तैयार नहीं महादलित
सीएम ने कहा सुरक्षा देंगे, फिर भी लौटने को तैयार नहीं महादलित
भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि मांझी सरकार में भी राज्य के महादलित सुरक्षित नहीं हैं। वे डरे-सहमे हैं और सरकार चुप है। महादलितों को पैक्स चुनाव में शामिल होने से रोकने के लिए सामंती ताकत अर्जुन मांझी की हत्या कर दी। गया की घटना के खिलाफ भाकपा माले पूरे राज्य में 28 सितंबर को प्रतिवाद करेगा। शुक्रवार को पीड़ित परिवार से माले के स्थानीय नेताओं ने भेंट की।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. योगेन्द्र पासवान ने कहा है कि नीतीश-मांझी की सरकार में महादलित गांव छोड़कर पलायन को मजबूर हो गए हैं। केवल चेहरे के सहारे जदयू दलितों का मानसिक शोषण कर रही है। एक तरफ केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याणार्थ राहत राशियों में गुणात्मक वृद्धि कर रही है, वहीं राज्य सरकार दलित मुख्यमंत्री को आजाद नहीं सुप्रीमो के अधीन परतंत्र सत्ता का पोषक बना रही है।
दबंगों के डर से महादलित समुदाय के लोगों के गांव से पलायन करने की घटना पर लोजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गया जिला मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का गृह जिला है और वे स्वयं भी महादलित परिवार से आते हैं। इसके बाद भी गया जिले में हालात ऐसे हैं तो बिहार के अन्य जिलों की क्या दशा होगी। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। लोजपा प्रदेश प्रवक्ता विष्णु पासवान ने मांग की है कि राज्यपाल इस घटना में हस्तक्षेप कर महादलितों पर जुल्म कर रहे लोगों को अविलंब गिरफ्तार करने और पलायन कर रहे लोगों को सुरक्षा प्रदान कराएं।
भास्कर न्यूज | पटना /गया
मुख्यमंत्रीजीतन राम मांझी ने कहा कि गया के टिकारी में महादलित परिवारों के साथ हुई घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि चार अभियुक्तों में से एक अभियुक्त को पकड़ा गया है जबकि तीन ने सरेंडर कर दिया है। घटना का संबंध पैक्स चुनाव से है। महादलित प्रत्याशी पर चुनाव से हट जाने का दबाव बनाया जा रहा था। इंकार करने पर उसकी हत्या हो गई। मृतक के आश्रितों को एससी अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा। घटना जिस गांव की है, उसे आदर्श गांव बनाया जाएगा। वहां स्थाई थाना, सड़क, स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र समेत तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। कमजोर और दलित डर कर गांव से पलायन की प्रवृत्ति को छोड़ें और निडर होकर रहें। मुख्यमंत्री के आश्वासन के