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संघर्ष में व्यक्ति जीतता है या सीखता है

7 वर्ष पहले
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हिंदी पखवाड़ा का हुआ समापन समारोह

पटना|जूलॉजिकलसर्वे ऑफ इंडिया के कार्यालय में सोमवार को हिन्दी दिवस पखवाड़ा का समापन समारोह मनाया गया। इस मौके पर डॉ ध्रुव कुमार, डॉ विभूति विक्रमादित्य, डॉ. गोपाल शर्मा, एससी नाहर, रामाधीन कुमार आदि ने हिन्दी को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

हिन्दीदिवस का आयोजन : बिहारहिन्दी साहित्य सम्मेलन ने सोमवार को मॉडर्न सैनिक स्कूल फ्रेजर रोड में हिंदी दिवस का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता विनोद कुमार सिन्हा ने की, उद‌्घाटन सम्मेलन के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने किया। सम्मेलन में डॉ शिववंश पांडे, डॉ सतीश राज पुष्करण, विनय वरुण, राघवेंद्र कुमार, अनिल मिश्रा, मंजू शर्मा, डॉ सत्येंद्र सुमन, ब्रजभूषण शर्मा उपस्थित थे।

पटना | कविताजीवानानुभूति की पुनर्रचना है। वह हमेशा जीवन से रूबरू होती है। संघर्ष जीवन में भी है और कविता में भी। इस संघर्ष में व्यक्ति या तो जीतता है या सीखता है। यह बातें सोमवार को पीजी हिन्दी विभाग दरभंगा हाउस की ओर से आयोजित हिन्दी दिवस समारोह में हुई काव्य गोष्ठी में प्रो. बलराम तिवारी ने कही। गोष्ठी में डॉ शिव नारायण ने गांव से पलायन कर बड़े शहरों में जाने वाले लोगों के मन की अनुभूतियों को कविता के रूप में कहा। इस दौरान प्रो. मटुकनाथ, जूली, डॉ शिवनारायण सिंह, डॉ राम जीवन यादव समेत विभाग के छात्र इंद्रजीत, अभिषेक, स्वीटी, स्मृति, प्रशांत, सुमन, दिवाकर बड़ी संख्या में मौजूद थे।

कार्यक्रम में डॉ. कलानाथ मिश्र, श्रीरंजन सूरिदेव, डॉ. अनिल सुलभ, डॉ. ललन सिंह, प्रो. शशिशेखर तिवारी (बाएं से)

अगले हिंदी दिवस पर पुस्तक चौदस मेला लगेगा

डीबी स्टार > पटना

अगलेवर्षसे हिंदी दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी पुस्तक दुकानों पर ‘पुस्तक-चौदस’ का मेला लगेगा। जिस प्रकार से धन-तेरस के दिन बर्तन और गहनों की दुकानों पर भीड़ रहती है, ऐसी ही भीड़ पुस्तकों की दुकानों पर होगी। हिंदी के प्रति थोड़ा और प्रेम बढ़ाने का संकल्प भी हमें लेना चाहिए। ये बातें एएन कॉलेज में हिंदी पखवाड़ा के समापन कार्यक्रम में बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कही। उन्होंने इस अवसर पर पिछले 15 दिनों तक हिंदी दिवस से पूर्व राजधानी में आयोजित सभी कार्यक्रम के बारे में बताया।

कार्यक्रम में हिंदी दिवस की प्रासंगिकता पर पूर्व में आयोजित हुई भाषण प्रतियोगिता के