चित्रकला प्रदर्शनी में दिखे घोड़े के रूप
चित्रकला प्रदर्शनी में दिखे घोड़े के रूप
डीबी स्टार > पटना
कभीभारतीयसमाज और यातायात का अभिन्न हिस्सा रहे घोड़ा और घोड़ा-गाड़ी को अगर फिर से देखना हो तो बिहार ललित कला अकादमी की आर्ट गैलरी आएं। यहां इन दिनों विजय कुमार के बनाए चित्रों की एकल चित्रकला प्रदर्शनी अश्व लगी हुई हैं। प्रदर्शनी में घोड़े और घोड़ागाड़ी के विभिन्न रूप, मूवमेंट की करीब 50 सुंदर पेंटिंग लगी हुई है।
इन की खासियत है कि इन्हें मोजाइक शैली में बनाया गया है। जिसमें कागज पर छोटे-छोटे ब्लॉक बना उसमें रंग भर के उसे पेंटिंग की शक्ल दी जाती है। बेहद ही बारीक काम कर और काफी मेहनत के बाद इस तरह की पेंटिंग तैयार होती है। विजय कुमार की यह पेंटिग प्रदर्शनी 20 सितंबर तक चलेगी।
पेंटिंगमें गुजरा जमाना
विजयकी इस प्रदर्शनी में घोड़ा गाड़ी में लगे घोड़े को प्रमुखता से दिखाया गया है, हर घोड़ा अपने हाव-भाव से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। घोड़ा गाड़ी देखकर पुराने समय की याद आती है जब यह सड़कों पर यातायात का एक अहम हिस्सा होता था। पेंटिंग में घोड़ा गाड़ी पर बैठे यात्रियों की भाव भंगिमा से लेकर घोड़े के चारा खाता समय के चित्रों को उतारा गया है। हर पेंटिंग अपने विषय और अनोखे स्टाइल में बनी होने के कारण दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।
ललित कला अकादमी की आर्ट गैलरी में पेंटिंग देखतीं युवतियां।