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मरने वाले तो मरेंगे ही, कौन रोक सकता है : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्यमंत्री रामधनी सिंह ने एनएमसीएच में तीन बच्चों की मौत के मामले में कहा कि मीडिया अफवाह फैला रहा है। मरने वाले तो मरेंगे ही। उन्हें कौन रोक सकता है। एनएमसीएच में काफी गंभीर मरीज अंतिम समय में इलाज कराने पहुंचते हैं। वे सभी जगह से थक-हार चुके होते हैं। इस कारण से इन अस्पतालों मे रोजाना 15-20 मरीजों की मौत होती है। क्या सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी से ही होती है?
पत्रकारों के सवाल पर बिफरते हुए मंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन से बच्चों की मौत की बात सही नहीं है। इस मामले में अधिकारियों को पूरे हकीकत से अवगत करने के लिए कहा गया है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग के सचिव आनंद किशोर ने पीएमसीएच और एनएमसीएच के प्राचार्यों और सुपरिंटेंडेंटों को तलब किया और पूछा कि क्यों बच्चों की मौत हो रही है? आपके यहां क्या कमियां हैं? मौत कब रुकेगी? दो दिनों में पूरी रिपोर्ट विभाग को देंख, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। विभाग के उपसचिव अनिल कुमार ने भी प्राचार्य और अधीक्षक से पूरे मामले पर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
बच्चों को सांसलेने में दिक्कत थी
नीकूविभागाध्यक्ष डॉ. एके ठाकुर ने बताया कि डाॅ. एके जायसवाल, डाॅ. विनोद कुमार सिंह डाॅ. वीपी जायसवाल जांच टीम में शामिल हैं। तीनों बच्चों की स्थिति नाजुक थी। तीनों बच्चों को सांस लेने में दिक्कत थी।
गोदहुई सूनी : इमादपुरके आफताब आलम की प|ी मेहरुनिशा। बिहार शरीफ के उपेंद्र राय की प|ी रेखा देवी। मोकामा के राजकुमार की प|ी प्रतिमा देवी की गोद सूनी हुई।
तीन मासूमों की मौत
पटना सिटी | एनएमसीएचके नीकू वार्ड में सोमवार रात तीन बच्चों की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग हरकत में गया है। तीन डॉक्टरों की टीम को जांच का जिम्मा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि आॅक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हुई है। टीम 24 घंटे के अंदर विभागाध्यक्ष को रिपोर्ट करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अस्पताल अधीक्षक डाॅ. संतोष कुमार ने बताया कि शिशु रोग विभाग से जानकारी मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वैसे अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। देर शाम स्वास्थ्य प्रमुख सुरेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी पहुंचेे और मामले की जानकारी ली। सोमवार की रात डयूटी में तैनात दो डॉक्टरों नर्सों से पूछताछ हुई। ड्यूटी पर रहे डॉक्