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रात में डॉक्टरों से संपर्क के लिए इंटरकॉम लगेंगे

7 वर्ष पहले
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नहीं रुकने देंगे बाहरी वाहन, बढ़ेंगे सुरक्षा गार्ड

मरीज को लिया था चंगुल में..

गांव से आने वाले को फंसाते हैं

पटना | पीएमसीएचमें भर्ती मरीज देर रात जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क कर सकें, इसके लिए इंटरकॉम की सुविधा बहाल करने का निर्देश शुक्रवार को प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल ने दिया। मरीजों के परिजनों के लिए जल्द कैफेटेरिया की सुविधा भी बहाल की जाएगी। कैंटीन में रियायती दर पर नाश्ते भोजन की व्यवस्था होगी। परिजनों को भोजन बनाने की सुविधा देने का निर्देश भी कमिश्नर ने दिया।

रोगी कल्याण समिति की समीक्षा बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिजनों के लिए शेड और खाना बनाने की भी व्यवस्था की जाए। कैंटीन बनकर तैयार है। सिर्फ चलाने वाले की जरूरत है। इसका सरकारी रेट भी तय करना होगा। 30 रुपए में भोजन मिले, ऐसी व्यवस्था करनी होगी। एक कमेटी बनाई जाएगी, जो भोजन की क्वालिटी और साफ-सफाई की मॉनिटरिंग करेगी। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति के पास तीन करोड़ रुपए हैं। अस्पताल में जरूरत की जीजें मिलेंगी।

पीएमसीएच में बैठक करते प्रमंडलीय आयुक्त सह अध्यक्ष रोगी कल्याण समिति नर्मदेश्वर लाल।

गुरुवार को मसरख के चैनपुर मगरा से पीएमसीएच पहुंचे रामअवतार महतो के बेटे साहेब महतो और भतीजे राजेन्द्र महतो को दलालों ने जाल में फांस लिया था। दलालों ने उनसे कह दिया कि एक बज गया है। डॉक्टर साहब भी नहीं हैं। चलिए, बाहर इलाज करा देते हैं। दलाल उन्हें लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचा। वहां उसने इन लोगों से पैसे मांगे। दलालों ने कहा कि पहले फीस देनी होगी। फिर जो खर्च आएगा वह भी देना होगा। पैसे नहीं देने पर बात नहीं बनी।

दलाल ग्रामीण मरीजों को अपने जाल में फांसने की कोशिश करते हैं। उन्हें बताते हैं कि पीएमसीएच में ठीक से इलाज नहीं हो सकेगा या फिर कम खर्च में बढ़िया इलाज प्राइवेट में हो जाएगा। दलालों की चांदी तब होती है जब जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल होती है। मरीज की इंट्री कराते ही कमीशन काउंटर पर मिल जाता है। एक मरीज के पीछे दलाल को 500 से 1000 रुपए तक कमीशन मिलता है। वैसे यह मरीज की आर्थिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। दलालों के साथ अस्पताल के कर्मचारियों की साठगांठ होने की भी बात कही जाती है।