रंगदारी मांगने वाला कुणाल गिरफ्तार
अरवल से चलाता था रंगदारी का गिरोह
कुणालअरवल से भी अपने गिरोह का संचालन करता था। उसके गिरोह से जुड़े चार लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसमें से दो भागने में सफल रहे थे। दोनों पैक्स का चुनाव लड़ चुके थे। इस मामले में करपी के थानाध्यक्ष को निलंबित भी किया गया था। मूल रूप से अरवल, करपी निवासी कुणाल के पिता पेशे से किसान हैं।
भास्कर न्यूज | पटना
पटनाके कोचिंग संचालकों से करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले कुख्यात कुणाल शर्मा को पुलिस की विशेष टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इमामगंज बाजार में उसके आने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पटना के अपराध जगत में वर्चस्व कोचिंग संचालकों में दहशत कायम करने के लिए उसने 20 अक्टूबर को बहादुरपुर, काली मंदिर रोड-3 स्थित विनय कोचिंग पर फायरिंग भी करवाई थी। इस फायरिंग में उसका नाम उछलने के बाद कुणाल इस कदर बेखौफ हो गया कि उसने अपना नाम लेकर रंगदारी मांगनी शुरू कर दी।
कुणाल ने पुलिस को यह कह कर चौंका दिया कि वह बिंदू सिंह से भी बड़ा अपराधी बनना चाहता है। इसलिए एक के बाद एक कोचिंग संस्थानों को फोन कर रंगदारी मांगता था। अपराध करने की उसकी रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2014 में उसके खिलाफ 11 वारदातों में मामला दर्ज हुआ।
डिमांड50 लाख तक
कोचिंगसंचालकों से कुणाल 50 लाख तक की रंगदारी मांग चुका था। रंगदारी मांगने के लिए वह अलग-अलग सिम का इस्तेमाल करता था। अब तक की जांच में पता चला है कि उसने करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगी थी। हालांकि किसी संचालक से रंगदारी की रकम लेेने की बात पुलिस को अब तक पता नहीं चली है। एसएसपी जितेंद्र राणा ने दावा किया कि पुलिस की दबिश के कारण कुणाल को रंगदारी वसूलने का कोई मौका नहीं मिला। 20 अक्टूबर को उसने बहादुरपुर में फायरिंग की और उसके बाद पुलिस ने लगातार उस पर नजर रख अंत में गिरफ्तार कर लिया।