डीबीटीएल के प्रति राज्य सरकार गंभीर
31दिसंबर के बाद भी सब्सिडी वाली गैस मिलती रहे, इसे लेकर एलपीजी उपभोक्ता परेशान हैं। अब सरकार और तेल कंपनियां ग्राहकों की परेशानी को देखते हुए गंभीर दिख रही हैं। डीबीटीएल को राज्य में बेहतर ढंग से लागू करने के उद्देश्य से राज्य के मुख्य सचिव की अगुआई में बीते दिनों हुई बैठक में तय हुआ कि प्रक्रिया का अनुपालन होना जरूरी है। एससी खुंटिया (विशेष सचिव सह एफए), हुकुम सिंह मीणा (सेक्रेटरी, एफएंडसीपी, बिहार सरकार), एसके सिंह (राज्य स्तरीय बैंक को-आर्डिनेटर), यूआईडीएआई के प्रतिनिधि सह ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े कई बड़े अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में इसे सुनिश्चित करने की कोशिश हुई थी कि गैस के उपभोक्ताओं को कोई परेशानी हो।
जहां एक ओर सरकार और कंपनियों के प्रयास जारी हैं वहीं अबतक गैस एजेंसियों में आधार कार्ड बनने का काम प्रारंभ नहीं हुआ है। इसलिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता(जिनके पास आधार नहीं है) अभी बैंक एकाउंट ही लिंक्ड कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह के अनुसार राज्य सरकार सभी संभव सरकारी संसाधनों का प्रयोग करेगी। राज्य सरकार और विभिन्न विभागों के साथ तेल कंपनियों समन्वय बनाया जाएगा।