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संविदा पुलिस चालक अवकाश पर गए, नहीं हुई रात में पैट्रोलिंग
राजधानीसमेत पूरे सूबे में बढ़ते अपराध के बीच राज्यभर के 399 संविदा पर बहाल पुलिस चालक 16 दिसंबर तक अवकाश पर चले गए हैं। इससे विधि व्यवस्था, छापेमारी आदि पर असर पड़ने लगा है। अपनी छह सूत्रों को मांगों को लेकर रविवार से चालकों ने राजधानी में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ये लोग राज्य में 2410 पदों के लिए होने जा रही बहाली में नियमित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। बिहार पुलिस संविदा चालक संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि अगर सरकार 16 तक उनकी मांगों को नहीं मानती है तो सामूहिक अवकाश पर जाने के साथ हड़ताल शुरू कर देंगे। चालकों के तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर चले जाने से राजधानी समेत पूरे जिले में पुलिस की गश्ती पर व्यापक असर पड़ने लगा है। एसएसपी जितेंद्र राणा ने भी स्वीकार किया कि चालकों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से पुलिसिंग पर असर पड़ने लगा है।
रविवार रात सचिवालय थाने में खड़ी पैट्रोलिंग जीप।
पटना में 80, बिहार में 399
संघके अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि संविदा पर बहाल चालकों की तादाद पटना जिले में लगभग 80 है जबकि पूरे बिहार में 399 चालक हैं। इन चालकों की बहाली चार साल पहले संविदा के आधार पर हुई थी। पटना में चालक को 10500 तथा अन्य जिलों में 9900 रुपए प्रति माह मानदेय मिलता है। महंगाई यात्रा भत्ता भी नहीं मिलता है।
संविदा पर बहाल 399 पुलिस चालकों ने सेवा समायोजित करने की मांग को लेकर रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से निकले जुलूस में शामिल चालक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डाकबंगला चौराहा, स्टेशन गोलंबर, मीठापुर होते हुए आर ब्लॉक पहुंचे। यहां पर तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया।
जुलूस निकाला
क्या हैं मांगें
{चालकोंको यथा शीघ्र नियमित किया जाए।
{चालकों के उम्र सीमा की वरीयता नियुक्ति की तिथि से निर्धारित हो।
{अवकाश वेतन में बढ़ोतरी की जाए।
{स्थायी कर्मियों की तरह दुर्घटना भत्ता दिया जाए
{चालकों को महंगाई यात्रा भत्ता दिया जाए
{2410 चालकों की होने जा रही बहाली में संविदा चालकों को समायोजित किया जाए।