हमसे अच्छी तो आईने की किस्मत होगी...
हमसेअच्छीतो आईने की किस्मत होगी, रूबरू उसके तेरी चांद सी सूरत होगी। आदमी-आदमी से मिलता है, दिल मगर कम किसी से मिलता है। जैसी गजलों से रविवार की शाम भारतीय नृत्य कला मंदिर का बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक परिसर गूंज उठा। सुरों की इस शाम को कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग से लेकर आया था विदेश मंत्रालय का भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद। इस मौके पर अभिषेक मिश्र और उनके साथियों ने गजल, भजन, और सूफी गायन की शानदार गायिकी कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अभिषेक मिश्र ने इस मौके पर कार्यक्रम की शुरुआत भजन गाईये गणपति जग बंदन गाईये से की। इसके बाद श्याम तेरी वंशी मैं एक बजाऊं गाकर पूरे हॉल को भक्ति के रंग से सराबोर कर दिया। सूफी गायिकी के अंतर्गत उन्होंने पंजाबी सूफी गीत गामा वाला चरखा और खंजर है तेरी आंखें गाकर सब का दिल जीत लिया। इस दौरान तबले पर संगत कर रहे थे शांतनू, तानपुरे पर थे चंदन शेरगिल और वायलिन पर थे विजय गुप्ता। इस दौरान आनंद कुमार, मनोज कुमार राय, राजीव सिंह समेत बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी श्रोता मौजूद थे।
ललित कला बहुउद्देशीय सभागार में गजल गायक अभिषेक कुमार प्रस्तुति देते हुए।