नीतीश नए नेता
>मांझी नेऔर 15 मंत्रियों को किया बर्खास्त >दिल्लीगएसीएम, पीएम से मिलेंगे आज
>सरकार बनानेका आज पेश करेंगे दावा
>समर्थक20मंित्रयों ने दिया इस्तीफा
नहीं माने मांझी
हमारे साथ 130 विधायक, बनाएंगे सरकार : नीतीश
अिधकांश विधायक मेरे साथ: मांझी
पूर्वमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा को सत्ता चाहिए। थक-हार कर उसने यह आखिरी खेल भी करा दिया। उसका भेद खुल गया है। चुनाव में उसे पता चल जाएगा। हमारे साथ 130 विधायक हैं। हम अपनी सरकार बनाएंगे। यह तो हद है कि हमारे पास बहुमत है और हम ही बाईपास हो रहे हैं। नेताा चुने जाने के बाद विधायकों को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा-लोकतंत्र में संख्या की अहमियत है। हम दिल्ली तक विधायकों की परेड कराएंगे। तकनीकी आधार पर विधानसभा को भंग करने की सिफारिश करने, कराने वाले अपने पैरों में कुल्हाड़ी मार रहे हैं। भाजपा ने मुझे फिर कमान संभालने को मजबूर किया है।
विधानमंडल का नेता चुने जाने के दौरान नीतीश और शरद।
पटना। मुख्यमंत्रीमांझी की माने तो नीतीश कुमार सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं। मांझी ने कहा-नीतीश मुझको हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। मैं अभी भी मुख्यमंत्री हूं। नीतीश को विधानमंडल दल का नेता बनाने वाली बैठक गैरकानूनी है। मांझी, दिल्ली पहुंचने पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा-मैं विधानसभा में बहुमत साबित करूंगा। मेरे साथ जदयू के अधिकांश विधायक हैं। उन्होंने सरकार चलाने के लिए भाजपा के समर्थन के सवाल पर कहा कि यह भविष्य की बातें हैं।
विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव के विरोध में कैिबनेट की बैठक से वाॅकआउट कर 1, अणे मार्ग से बाहर निकलते नीतीश समर्थक मंत्री।
पॉलिटिकल रिपोटर| पटना
अंतत: वही हुआ जिसे टालने की कोशिश हो रही थी। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी नहीं माने। जदयू नेतृत्व उन्हें इस्तीफा देने के लिए राजी नहीं कर पाया। नीतीश कुमार और अध्यक्ष शरद यादव से 7, कौटिल्य मार्ग में करीब दो घंटे की वार्ता के बाद भी। वार्ता, कृिष मंत्री नरेंद्र सिंह की पहल पर हुई। नीतीश के आवास से मांझी मुख्यमंत्री आवास गए। वहां कैबिनेट की बैठक हुई। कहने को तो चार एजेंडे थे, लेकिन जिससे कैबिनेट दो खेमे में बंटी, वह था विधानसभा भंग करने का फैसला। आठ को छोड़ बाकी मंत्री विरोध में बैठक से निकल गए। कैबिनेट से मांझी ने विधानसभा भंग करने का अधिकार ले लिया।
विधानसभा एनेक्सी में विधानमंडल दल की बैठक भी पूर्व निर्धारित समय पर चार बजे शुरू हुई। बैठक को असंवैधानिक करार चुके मांझी नहीं आए। उनके समर्थक मंत्री भी गैरहाजिर रहे। बैठक में मांझी के स्थान पर नीतीश नेता चुने गए। प्रस्ताव, मांझी के करीबी विधायक अरुण मांझी ने किया। समर्थन श्रवण कुमार ने किया जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। नीतीश कुमार ने पूरे प्रकरण को भाजपा की चाल करार दिया। कहा-हम इसे कामयाब नहीं होने देंगे। फ्रंट से लीड करेंगे। सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
दिल्ली रवाना होने के पूर्व मांझी ने 15 मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया। इधर, 20 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा राजभवन को सौंप दिया। मांझी ने पार्टी विधायक दल के मुख्य सचेतक पद से भी श्रवण को हटा, राजीव रंजन को मनोनीत कर दिया है। वह दिल्ली में रणनीति बनाने में जुटे हैं। मौजूदा हालात में राजभवन रेफरी की भूमिका में है।