पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • एनएसडी की तर्ज पर प्रेमचंद रंगशाला में बढ़ेंगी सुविधाएं

एनएसडी की तर्ज पर प्रेमचंद रंगशाला में बढ़ेंगी सुविधाएं

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रेमचंदरंगशाला में आने वाले दिनों में कई विकास कार्य होंगे। बिहार संगीत नाटक अकादमी इसे एनएसडी, नई दिल्ली की तर्ज पर विकसित करने की कोशिश कर रहा है। इसी क्रम में यहां रंगकर्मियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसके लिए योजनाएं बन रही हैं और आगामी दिनों में काम दिखने भी लगेंगे।

मिलेगीठहरने की सुविधा

प्रेमचंदरंगशाला में हॉस्टल और गेस्ट हाउस बनाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इनके बनने के बाद यहां आने वाले कलाकारों को ठहरने की सुविधा मिलेगी। खासकर बड़े कलाकारों को होटलों में ठहराने में अकादमी को काफी खर्च भी करना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक इसका प्रारंभिक नक्शा भी तैयार हो चुका है, अब कला से जुड़ी संस्थाओं के भवन निर्माण के विशेषज्ञ माने जाने वाले भोपाल के मो. युसुफ के साथ इसको लेकर एक बैठक होनी है। बैठक के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है।

बन रही है लाइब्रेरी

रंगशालामें संगीत और नाटक से जुड़ी किताबों की लाइब्रेरी भी बनाई जा रही है। वहां रंगकर्मी देश और दुनिया के बेहतर नाटकों साहित्य का अध्ययन कर सकेंगे। किताबों की लिस्ट बनाई जा रही है, जल्द यह मूर्त रूप ले लेगी।

^प्रेमचंद रंगशाला को एनएसडी, नई दिल्ली की तर्ज पर विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां हॉस्टल, गेस्ट हाउस, लाइब्रेरी, कैफेटेरिया आदि बनाने की योजना पर काम चल रहा है। आने वाले कुछ समय में निमार्ण कार्य शुरू हो जाएंगे। कलाकारों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हम प्रयासरत हैं। प्रदिप्तोमुखर्जी, उपाध्यक्ष, बिहार संगीत नाटक अकादमी

कर सकेंगे रिहर्सल

रंगशालामें शहर की विभिन्न संस्थाओं के करीब 100 रंगकर्मी रोजाना रिहर्सल करते हैं। इन्हें स्थाई शेल्टर बना कर दिया जाएगा, जिसमें वे रिहर्सल कर सकेंगे।

बनेगा कैफेटेरिया

रंगशालापरिसर में आने वाले कलाकारों और आम लोगों को खाने-पीने की बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए यहां जल्द ही कैफेटेरिया भी खोला जाएगा। अकादमी के उपाध्यक्ष प्रदिप्तो मुखर्जी ने कहा कि कैफेटेरिया में लोगों को खाने-पीने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसे ऐसे बनाया जाएगा कि रंगशाला के अंदर और बाहर दोनों ही तरफ से लोग खरीदारी कर सकें।