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रस भीगा फाल्गुन आया...से हुए विभोर

6 वर्ष पहले
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रसभीगाफाल्गुन आया... पांव पड़ों

मैं तोरी मोसे खेलो होली... जैसे गीतों पर प्रस्तुति देकर रविवार को कालिदास रंगालय में कलाकारों ने समा बांध दिया। फाल्गुन गीत और इन गीतों पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य ने यहां मौजूद सैकड़ों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मौका था सांस्कृतिक संस्था रंगशाला की ओर से नृत्य गुरु डॉ नगेंद्र प्रसाद मोहिनी की 34 वीं संगीत एवं नृत्य यात्रा के आयोजन का।

इसमें कलाकारों ने फाल्गुन गीतों को गाकर और भरतनाट्यम, कत्थक, लोकनृत्य आदि की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में तनु वर्मा ने राग कल्याण में रस भीगा फाल्गुन आया गाकर खूब तालियां बटोरी। वहीं कलाकारों ने विद्यापति नृत्य गीत - मोरे अंगना चनन करे री गछिया... गाकर मैथिली संस्कृति की मनमोहक छटां बिखेरी। शास्त्रीय नृत्य और गीत से कलाकारों ने कृष्ण और राधा की होली और उनकी रासलीला की जीवंत प्रस्तुति दी। कत्थक और भरतनाट्यम में कलाकारों की भाव भंगिमा शानदार थी, पारंपरिक कपड़ों में कलाकार कृष्ण और गोपियों की फाल्गुन में की जाने वाले रासलीला को मंच पर उतार रहे थे। अपनी प्रस्तुति से उन्होंने होली की मस्ती और उल्लास को पेश किया। इस दौरान अरविंद कुमार ठाकुर, डॉ मृदला प्रकाश, केसी सिन्हा, पल्लवी विश्वास समेत बड़ी संख्या में शहर के बुद्धिजीवी और कला प्रेमी मौजूद थे।

NRITYA YATRA

यह थे कलाकार

डॉ नगेंद्र प्रसाद मोहिनी, तनु वर्मा, सोनी संजीत, मानव कुमार रविश, संजीत, रीना कुमारी, सत्यजीत जैकब, विनय कुमार, अमर पांडेय, विदिशा भारद्वाज, विष्णु मंजरी, सौम्या, पूजा, पायल, धानी, अंजली कुमारी, शालिनी, पूजा कुमारी, उमा भारती, गुड़िया, माधवी, श्वेता, डॉ नरेश सारस्वत, मनोज कुमार, सत्यजीत आदि।