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पटरी पर ट्रेनें, सुरक्षा रेलवे के जिम्मे है ही नहीं

6 वर्ष पहले
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नीतीश कुमार सोनी |पटना@nksoni11

132किलोमीटर पटरी पर ट्रेन या पैसेंजर की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं हैं। चौकिए नहीं। पटना रेल पुलिस जिले के दो रेल खंडों की यही हकीकत है। बख्तियारपुर-इस्लामपुर (42.7 किलोमीटर) आैर आरा से सासाराम (90 किलोमीटर) तक रेल ट्रैक रेलवे के परिक्षेत्र से बाहर है। मतलब यह कि संबंधित रेल खंड की सुरक्षा का दारोमदार रेल पुलिस पर नहीं, बल्कि जिला पुलिस (स्थानीय थाने) की जिम्मेदारी है। वैसे संबंधित जिले की पुलिस के लिए रेलवे ट्रैक की पहरेदारी करना कठिन चुनौती है। अपराधी स्टेशन पर ट्रेन में सवार होते हैं आैर रास्ते में चोरी-डकैती करके उतर जाते हैं। इन जगहों पर लोकल थाने की पुलिस के नहीं होने का फायदा अपराधी उठाते हैं। घटना के बाद पुलिस अनुसंधान तो करती है पर वारदात को समय रहते रोकना आसान नहीं है। ताजा बानगी है बीते मंगलवार को इस्लामपुर-बख्तियारपुर रेल खंड पर इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस में हुई डकैती। इसके बाद पटना पुलिस की विशेष टीम ने डकैतों की गिरफ्तारी नकद बरामदगी की। विदित हो कि पटना रेल जिले के क्षेत्राधिकार में 11 जिले (पटना, गया, भोजपुर, बक्सर, सासाराम आदि) आते हैं।

गृह विभाग जारी करता है अधिसूचना

रेलवेपरिक्षेत्र से बाहर स्थानीय थाने के क्षेत्राधिकार वाले दोनों रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर बीते दिसंबर में हुई राज्य सरकार रेलवे की उच्चस्तरीय बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव ने इस बाबत गृह विभाग से अधिसूचना जारी होने की बात कही थी। इसपर रेल एसपी को प्रस्ताव देने को कहा था।

घटना ट्रेन में आैर एफआईआर लोकल थाने में, ऐसा करना तकनीकी कानूनी बाध्यता

आरा-सासारामया बख्तियारपुर-इस्लामपुर रेल खंड पर ट्रेनों में अपराध तो होते हैं पर उसकी प्राथमिकी स्थानीय थाने में दर्ज की जाती है। इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस में हुई डकैती की प्राथमिकी फतुहा थाने में दर्ज की गई। दरअसल जिन इलाकों से होकर पटरी जुजर रही है, वह संबंधित लोकल थाने के क्षेत्राधिकार में होने के कारण ऐसा करना तकनीकी-कानूनी बाध्यता है। पटना जंक्शन के करबिगहिया इलाके की भी यही कहानी है। करबिगहिया में बड़ा एरिया रेलवे परिसर में ही है, पर यहां होने वाली घटनाओं की प्राथमिकी जक्कनपुर थाने में दर्ज होती है।

अपराध नियंत्रण में समस्या

^अपराधनियंत्रण में समस्या आती है। 15 साल से फतुहा-दनियावां-इस्लामपुर रेल ट्रैक चालू है। रेल खंड की सुरक्षा पर अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इस बारे में रेल पुलिस मुख्यालय को अनुशंसा करेंगे।’ -जितेंद्र राणा, एसएसपी (पटना)

प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है

^रेलवेपरिक्षेत्र से बाहर आरा-सासाराम आैर बख्तियारपुर-इस्लामपुर रेल खंड की सुरक्षा के बारे प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। इसमें अलग-अलग स्टेशनों या इलाकों को विभिन्न रेल थानों से जोड़ने की अनुशंसा की गई है।’ -प्रकाश नाथ मिश्र, रेल एसपी (पटना)