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नीतीश कुमार को समर्थन देने पर टूट सकती है वामदलों की दोस्ती
विधानसभामें जदयू नेता नीतीश कुमार को समर्थन के मुद्दे पर वामदलों की दोस्ती टूट सकती है। भाकपा जहां जदयू को समर्थन दे रही है, वहीं भाकपा माले जदयू से किसी भी प्रकार की दोस्ती के खिलाफ है। भाकपा माले ने मुख्यमंत्री पद से जीतन राम मांझी को हटाने की कोशिश को गलत कदम बताया था।
भाकपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए जदयू नेता नीतीश कुमार को समर्थन देने की घोषणा की है। बछवाड़ा से भाकपा के एकमात्र विधायक अवधेश राय राष्ट्रपति के समक्ष परेड के लिए दिल्ली भी गए। पिछले लोकसभा चुनाव में भी भाकपा ने जदयू से तालमेल कर चुनाव लड़ा था, जबकि भाकपा माले ने अलग उम्मीदवार उतारा था। भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि भाजपा के नाम पर जदयू से दोस्ती ठीक नहीं है। इतना तो तय है कि विधानसभा चुनाव में जदयू के साथ भाकपा सीटों के साथ तालमेल करती है, तो भाकपा माले से दोस्ती नहीं रहेगी।
भाकपा के पूर्व राज्य सचिव बद्री नारायण लाल ने कहा कि नीतीश कुमार विधानसभा में समर्थन देने का पार्टी का निर्णय है। इससे वामदलों की दोस्ती पर असर नहीं पड़ेगा। हम भाजपा समर्थित सरकार के खिलाफ हैं। माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि बिहार में अभी सत्ता की लड़ाई है। इसमें जनता के मुद्दों का कोई सवाल नहीं है। ऐसे में नीतीश कुमार को नैतिक समर्थन देना या देने का कोई मतलब नहीं है।