पटना. आईजीआईएमएसमें किडनी ट्रांसप्लांट इसी साल जून से शुरू हो जाएगा। संस्थान के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास ने संस्थान के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने की कोशिश की जा रही हैै। गुरुवार को सीएम जीतन राम मांझी कैथ, लैब, सीटी स्कैन, सर्जिकल आईसीयू आदि का विधिवत उद्घाटन करने वाले थे। पर किसी कारण से वे नहीं सके। इसलिए इन सेवाओं का उद्घाटन नहीं हो सका। सीएम का दो घंटे इंतजार करने के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ।
राज्य के स्वास्थ्य सचिव आनंद किशोर ने कहा कि आईजीआईएमएस को देश का उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करना है। संस्थान 31 साल का हो गया। इसके एक साल बाद ही एसजीपीजीआई लखनऊ खुला था। वह संस्थान काफी आगे निकल गया है। पर आईजीआईएमएस इन 31 वर्षों में काफी पीछे रह गया है। समारोह को दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. आरसी डेका, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एसके शाही, डीन डॉ. अमरेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया। यहां सोवनियर का भी लोकापर्ण किया गया।
हर विभाग में एमसीएच-डीएम की पढ़ाई हो : डॉ चावला
पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक और चर्चित पेट रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ.वाई के चावला ने कहा कि किसी भी संस्थान में मरीजों की देखभाल, इलाज, जांच दवा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। पेशेंट केयर को विकसित करना चाहिए। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग हर हाल में दुरुस्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में असिस्टेंट प्रोफेसर को रिसर्च के लिए पांच लाख रुपए दिए जाते हैं। हर विभाग में डीएम और एमसीएच की पढ़ाई की सुविधा होनी चाहिए।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एसके शाही ने कहा कि विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल किया जाएगा। निदेशक डॉ. एनआर विश्वास, अशोक चौहान, डॉ. डीके यादव, डॉ.अजय कुमार सिंह, मेजर जनरल पीएस चौधरी, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. मंगतू राम, डॉ. एके लाल, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ ब्रजनंदन आदि ने विचार रखे। मौके पर डॉ. उदय कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. हरिहर दीक्षित, डॉ. मनीष मंडल बीओजी सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह मौजूद थे।