मेयर के एजेंडे काे नहीं मानेंगे विपक्षी
नगरनिगम में शनिवार को होने वाली निगम बोर्ड की बैठक में मेयर और विपक्षी पार्षदों के बीच कशमकश की स्थिति बनी रहेगी। क्योंकि, विपक्षी पार्षद मेयर के एजेंडे का विरोध करेंगे। उपमहापौर रूप नारायण ने कहा कि 20 अक्टूबर को मेयर की ओर से आयोजित बैठक में पार्षदों की संख्या मात्र 27 थी। जबकि जब हमलोगों नेे जो 21 अक्टूबर को बैठक की थी तो पार्षदों की संख्या 40 थी। वहीं हाईकोर्ट ने भी 21 अक्टूबर की बैठक को जनहित का मामला बताया था। ऐसे में हम लोग मेयर की बैठक के एजेंडे की संपुष्टि नहीं करेंगे। वहीं, निगम पक्ष के पार्षदों के अनुसार, निगम बोर्ड की बैठक में मेयर की ओर से आयोजित बैठक में पारित एजेंडे को रखा ही जाएगा। पक्ष का कहना है कि नियम के अनुसार 20 अक्टूबर की बैठक के एजेंडे का ही अनुमोदन होगा। पक्ष के पार्षदों ने आरोप लगाया कि उपमहापौर निगम बोर्ड की कार्रवाई को बाधित कर विकास रोकना चाहते हैं। उन्हें निगम बोर्ड में नहीं आना है तो वो पूर्व की तरह अलग से अपनी बैठक कर लें।
सचिव से परामर्श
करेंगे नगर आयुक्त
एजेंडेको लेकर उहापोह की बनी स्थिति पर नगर आयुक्त विभाग के सचिव से मिलकर राय लेंगे। नगर आयुक्त शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि दोनों पक्षों पर कानूनी राय और जानकारी के लिए विभाग में पत्र लिखा गया है। कल तक स्थिति स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि जैसा विभाग से निर्देश मिलेगा, वैसा ही किया किया जाएगा।